खुलासा: शहर में रहने के लिए पत्नी करती थी झगड़ा, इसलिए कर दिया मर्डर

Published by Admin Published: March 2, 2016 | 10:58 am
Modified: March 3, 2016 | 8:28 pm

लखनऊ: बुधवार को पुलिस ने एक ही दिन ऐसी दो हत्याओं का खुलासा किया जिसमें थोड़े से पैसों के लिए आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों को बेरहमी से मार डाला था। बंथरा और गोमतीनगर में हुई इन घटनाओं के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

गोमतीनगर का क्या था मामला?
-गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में 21 साल की महिला की लाश मिली थी।
-बुधवार की सुबह तेलीबाग निवासी राम कुमार वर्मा ने एसओ विभूतिखंड को फ़ोन कर अपने बेटी की गुमशुदगी के बारे में बताया था।
-एसओ विभूतिखंड एसके राय ने उन्हें मोर्चरी ले जाकर जब डेड बॉडी दिखाई तो उन्होंने शव की पहचान अपनी बेटी सुशीला वर्मा के रूप में की।
-राम कुमार ने बताया की वह अपने पति विनोद कुमार के बुलाने पर 29 फरवरी को चारबाग के लिए घर से निकली थी।
-तब से अब तक उसकी कोई खबर नहीं मिली है, सुशीला और विनोद का फ़ोन भी बंद जा रहा है।

कैसे हुए खुलासा
-मामले की जांच में जुटी पुलिस ने जब सुशीला के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली तो उसे अहम सुराग हाथ लगे।
-जांच के दौरान पुलिस को विनोद के कुछ अन्य मोबाइल नंबर हाथ लगे, जिसके आधार पर पुलिस ने मृतका के पति सुशील कुमार को तेलीबाग से अरेस्ट कर लिया।
-पूछताछ के दौरान विनोद ने बताया कि वह बस्ती के गांव कबरा का रहने वाला है और दर्जी का काम करता हैं।
-उसकी शादी पिछले साल हुई थी। मृतका ससुराल में न रहकर शहर में रहना चाहती थी।
-पति से हमेशा पैसों की मांग करती थी, जिससे आए दिन घर में झगड़ा होता था।

कैसे की हत्या
-आरोपी ने बताया कि वह 29 फरवरी की सुबह इंटरसिटी से चारबाग़ रेलवे स्टेशन पहुंचा और एटीएम देने के बहाने से पत्नी सुशीला को बुलाया।
-इस बीच सुशीला ने चक्कर आने की बात कही जिसके बाद दोनों सिविल अस्पताल पहुंचे और सुशीला को ड्रिप लगवाई।
-दोनों फिर गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंच गए। यहां दोनों के बीच फिर तकरार हुई।
-इस दौरान रात के दस बज चुके थे।
-इसी बीच सुशीला ने शौच जाने की बात कही। विनोद भी उसके पीछे गया।
-उसने सुशीला के ही दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी।

बंथरा हत्याकांड के तीनों आरोपी पुलिस गिरफ्त में
बंथरा हत्याकांड के तीनों आरोपी पुलिस गिरफ्त में

 बंथरा का क्या था मामला?
-बंथरा के रहने वाले संजय लोधी की लाश 28 फरवरी को मिली थी।
-संजय की पत्नी ने एक महिला समेत नौ लोगों को नामजद किया था।
-मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि संजय 27 फरवरी की देर शाम आखिरी बार सर्वेश लोधी, अनुज यादव और अभय सिंह के साथ दरोगा खेड़ा में शराब पीते देखा गया था।
-संजय की लाश मिलने के बाद से तीनों युवक लापता थे। पुलिस का शक भी इन्हीं पर था।
-पुलिस ने बुधवार को तीनों को कासिम खेड़ा की शराब दुकान से दबोचा।
-पूछताछ में तीनों ने हत्या की बात स्वीकारी।
-तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

पैसे के लेन-देन में की थी रिश्तेदार ने हत्या
-पूछताछ में सर्वेश लोधी ने बताया कि 27 फ़रवरी को वह संजय के साथ साईट पर गया था।
-जहां पैसे के लेन-देन में दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।
-इसी दौरान अनुज ने पास में पड़े ईंट से संजय के सिर पर ताबड़तोड़ वार किया।
-बाद में सर्वेश और अभय ने मिलकर संजय की गला दबाकर हत्या कर दी।
-लाश को मकदूमपुर कैथी में गेंहू के खेत में और बाइक को दरोगा खेड़ा के नहर में फेंक दिया।

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