आलोक नाथ को हटाने का फैसला अकेले मेरा नहीं हो सकता था: अजय देवगन 

तनुश्री ने कहा था कि नाथ पर सार्वजनिक तौर पर लगाए गए आरोपों के बाद उनके दृश्यों को फिर से शूट करना संभव था, लेकिन नहीं, उन्हें तो अपनी फिल्म में कथित बलात्कारी को रखना था और न केवल (आरोप लगाने वाली विंता नंदा के) उनपर बल्कि हम सभी के जख्मों पर नमक छिड़कना था।

मुंबई: अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा ‘‘दे दे प्यार दे’’ में आलोक नाथ के साथ काम करने के लिए अजय देवगन की आलोचना करने के एक दिन बाद, बॉलीवुड अभिनेता देवगन ने स्पष्ट किया है कि वह फिल्म को फिर से शूट करने का निर्णय अकेले नहीं ले सकते थे।

ये भी देखें:TikTok प्ले स्टोर से हटा तो डाउनलोड के जुगाड़ तलाश रहे हैं लोग

तनुश्री ने कहा था कि नाथ पर सार्वजनिक तौर पर लगाए गए आरोपों के बाद उनके दृश्यों को फिर से शूट करना संभव था, लेकिन नहीं, उन्हें तो अपनी फिल्म में कथित बलात्कारी को रखना था और न केवल (आरोप लगाने वाली विंता नंदा के) उनपर बल्कि हम सभी के जख्मों पर नमक छिड़कना था।

उन्होंने अजय पर आलोकनाथ का बॉलीवुड में वापसी करने का समर्थन करने का भी आरोप लगाया।

गौरतलब है कि अभिनेता आलोक नाथ पर लेखक विंता नंदा ने बलात्कार और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और फिलहाल उन्हें अग्रिम जमानत मिली हुई है।

जवाब में, अजय ने गुरुवार को एक बयान जारी कर #मीटू आंदोलन को अपना समर्थन दोहराने की पुष्टि की।

ये भी देखें:मनोरोग को गलत तरीके से दिखाते हैं ‘मेंटल है क्या’ के पोस्टर : इंडियन साइकीऐट्रिक सोसाइटी

उन्होंने कहा, ‘‘जब पूरा #मीटू आंदोलन चला, तो मैंने फिल्म उद्योग के अपने कई सहयोगियों के साथ स्पष्ट कहा था कि मैं कार्यस्थल पर हर एक महिला का सम्मान करता हूं और मैं उनके खिलाफ किसी भी अन्याय या अत्याचार का समर्थन नहीं करता हूं। मेरे उस रुख में कुछ भी बदलाव नहीं आया है।’’

(भाषा)