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हेमा मालिनी जन्मदिन: 12वीं में छोड़ी पढ़ाई, शादी के मंडप पर धर्मेंद्र ने तुड़वाई थी शादी

'हेमा मालिनी चक्रवर्ती' का शुरुआती जीवन जीयापुरम मद्रास (तमिलनाडु) में बीता। इनके पिता का नाम वीएसआर चक्रवर्ती है। इनकी माँ का नाम जया चक्रवर्ती है जो कि एक फिल्म निर्माता थीं।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 16 Oct 2020 6:11 AM GMT

हेमा मालिनी जन्मदिन: 12वीं में छोड़ी पढ़ाई, शादी के मंडप पर धर्मेंद्र ने तुड़वाई थी शादी
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हेमा मालिनी जन्मदिन: 12वीं में छोड़ी पढ़ाई, शादी के मंडप पर धर्मेंद्र ने तुड़वाई थी शादी (Photo by social media)
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शाश्वत मिश्रा

मुंबई: 'ड्रीम' गर्ल के नाम से पूरे भारत में जानी जाने वाली अभिनेत्री 'हेमा मालिनी' का आज जन्मदिन है। हेमा मालिनी एक एक्ट्रेस होने के साथ ही लेखिका, नृतकी और राजनीतिक पार्टी भाजपा का एक नामी चेहरा हैं। इनका जन्म आज ही के दिन साल 1948 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले में हुआ था। फिलहाल, मौजूदा समय में हेमा भाजपा से मथुरा की लोकसभा सांसद के रुप में जनसरोकार का काम कर रही हैं।

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शुरूआती ज़िन्दगी

'हेमा मालिनी चक्रवर्ती' का शुरुआती जीवन जीयापुरम मद्रास (तमिलनाडु) में बीता। इनके पिता का नाम वीएसआर चक्रवर्ती है। इनकी माँ का नाम जया चक्रवर्ती है जो कि एक फिल्म निर्माता थीं। हेमा के दो भाई भी हैं और वह अपने दोनों भाइयों की लाडली बहन थीं। बचपन से ही इनको नृत्य और योग करना बेहद पसंद था। इन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई 'दिल्ली तमिल एजुकेशन एसोसिएशन सीनियर स्कूल' से की। लेकिन, पढ़ाई में खास रूचि ना होने के कारण 12वीं के बीच में ही इन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी।

अपनी नृत्य कला से प्रेम होने के कारण ही इन्होंने भरतनाट्यम सीखा और 1961 में पांडव वनवारम (लघु नाटक) से बतौर नर्तकी अपने करियर की शुरुआत की। ऊंची सपनों की उड़ान लिए जब इन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री की ही थी तब उनको यह बोलकर काम नहीं मिला की हेमा मालिनी में कोई स्टार अपील नहीं है।

7 सालों के स्ट्रगल के बाद मिला मौका

हेमा मालिनी ने साल 1961 से लेकर 1968 तक लगभग 7 सालों तक इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की पुरजोर कोशिश की। आखिरकार, 1968 में उन्हें तब कामयाबी मिली, जब उनको अभिनेता राज कपूर की फिल्म 'सपनों का सौदागर' में बतौर नायिका के रूप में काम करने का मौका मिला। यह फिल्म भले ही बॉक्स ऑफिस पर हिट ना हुई हो, पर हेमा ने लोगों के दिलों में अपनी जगह बना ली थी।

hema-malini hema-malini (Photo by social media)

रमेश सिप्पी का है अहम योगदान

उनको फिल्मी सफलता दिलाने में डायरेक्टर रमेश सिप्पी की फिल्मों का प्रमुख योगदान रहा। साल 1970 में 'जॉनी मेरा नाम' सुपरहिट रही। यह वही दशक था जहां से हेमा ने कामयाबी के शिखर को छू लिया था। इसके बाद उनकी सभी फिल्में 'अंदाज़', 'सीता और गीता', 'मोहिनी', 'शोले' और 'बागबान' जैसी फिल्मों का बॉलीवुड में बोलबाला रहा।

ग्लैमरस किरदारों के अलावा उन्होंने 'मीरा', 'किनारा' और 'खुशबू' जैसी फिल्मों में संजीदा किरदार निभाकर अपने सहज अभिनय और सभी किरदारों को अमर बना दिया। 70 के दशक में हेमा मालिनी को ट्रेंड सेटर भी माना जाने लगा, जहां अक्सर लड़कियां उनको फॉलो करती थी।

शादी के मंडप पर पहुंचकर धर्मेंद्र ने तुड़वाई शादी

फिल्मी करियर के जैसे ही उनकी लव लाइफ भी काफी रोमांचक है, हेमा ने जितेंद्र के साथ कुल 35 फिल्मों में काम किया। उनकी पहली फिल्म 'शराफत' साल 1970 में आई थी। शोले की शूटिंग के दौरान ही हेमा धर्मेंद्र को पसंद करने लगी थी लेकिन, परिवार को पसंद ना होने के कारण उनकी शादी जितेंद्र के साथ तय हो गई थी।

वैसे तो ये एक सीक्रेट मैरिज थी, लेकिन किसी फिल्म की क्लाइमैक्स की तरह ही धर्मेंद्र जीतेंद्र की गर्लफ्रेंड शोभा के साथ हेमा-जीतेंद्र की शादी में पहुँच गए। जहां दोनों ने शादी ना करने का फैसला किया। बाद में जीतेंद्र ने शोभा से और धर्मेंद्र ने अपनी दूसरी शादी हेमा से साल 1980 में की। हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की दो बेटियां ईशा देओल और आहना देओल हैं। हेमा मालिनी को आज भी लोग 'ड्रीम गर्ल' के नाम से जानते हैं।

hema-malini hema-malini (Photo by social media)

भाजपा में हुई शामिल

72 वर्षीय हेमा मालिनी ने फरवरी 2004 को आधिकारिक रूप से भाजपा में शामिल हुई। लेकिन, इनकी रूचि राजनीति में 1999 में ही आ गई थी जब इन्होंने विनोद खन्ना का प्रचार पंजाब में किया था। सन 2003 में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा हेमा मालिनी को लोकसभा का सदस्य चुना गया। 2014 में इन्हें बीजेपी के टिकट पर मथुरा से लोकसभा की सदस्य के रूप में चुना गया। अक्सर राजनीति में इनकी आलोचना का विषय संसद में कम उपस्थिति होती है। जानवरों से इनका खास लगाव होने के कारण यह पेटा इंडिया का भी समर्थन करती हैं।

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हेमा मालिनी को आज भी लोग उनकी फिल्मों की वजह से याद करते हैं। इनको 11 बार फिल्म फेयर नामांकन, 2000 में फिल्मफेयर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड और सन् 2000 में भारतीय सरकार द्वारा 'पद्मश्री अवार्ड' से नवाजा गया।

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