अदनान सामी ने कहा- मैं अपनी जिंदगी के सबसे अच्छे दौर में हूं

गायक-संगीतकार अदनान सामी जीवन में कई उतार चढ़ाव के बाद खुशनुमा दौर में हैं। उनका कहना है कि वह जीवन को पुन: शुरू करने के लिए मिले अवसरों को लेकर खुद को खुशनसीब मानते हैं।

Published by priyankajoshi Published: December 4, 2017 | 11:04 am
Modified: December 4, 2017 | 11:48 am

अरुं धति बनर्जी
मुंबई: गायक-संगीतकार अदनान सामी जीवन में कई उतार चढ़ाव के बाद खुशनुमा दौर में हैं। उनका कहना है कि वह जीवन को पुन: शुरू करने के लिए मिले अवसरों को लेकर खुद को खुशनसीब मानते हैं।

अदनान ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए एक एजेंसी से से कहा, “मेरे आभार व्यक्त करने के लिए आभारी एक छोटा शब्द है क्योंकि ईश्वर ने मुझे मेरे जीवन को पुन: शुरू करने के लिए कई अवसरों को आशीर्वाद के रूप में दिया है।”

उन्होंने कहा, “जब मैं मोटा था, तब एक समय में मौत के करीब पहुंच गया था। और, मैंने जीवन को फिर से शुरू करने के लिए अपना वजन कम किया। जब बाबा (मेरे पिता) का निधन हो गया, तो मैं भावनात्मक रूप से बिल्कुल अकेला हो गया था, लेकिन तभी मैंने शांतिपूर्ण विवाहित जीवन के साथ जिंदगी को दोबारा शुरू किया।”

एक नई पारी की शुरूआत
गायक ने कहा, “मुझे नागरिकता मिली और एक भारतीय के रूप में एक नई पहचान मिली और मैंने एक नई पारी की शुरुआत की। मुझे एक बेटी का गर्वित पिता होने का सौभाग्य मिला। मेरी नई फिल्म अगले साल आ रही है..मैं अपनी जिंदगी के सबसे अच्छे दौर में हूं।”

पाकिस्तानी मूल के अदनान का जन्म ब्रिटेन में हुआ था। इससे पहले वह कनाडा के नागरिक थे। उन्हें पिछले साल ही भारतीय नागरिकता प्राप्त हुई है।

स्वभाव से ही हूं डिप्लोमैटिक…
सोशल मीडिया मंचों पर सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर अक्सर टिप्पणी करने वाले गायक को मुखर स्वभाव के कारण आक्रोश का सामना करना पड़ता है, लेकिन अदनान ने कभी भी अपना आपा नहीं खोया। वह इस तरह का डिप्लोमैटिक नजरिया कहां से हासिल करते हैं?

इस सवाल पर उन्होंने कहा, “मुझे यह आनुवंशिक रूप से विरासत में मिला है। आप देखिए, मेरे बाबा (अरशद सामी खान) ने 14 देशों में बतौर राजनयिक (डिप्लोमैट) के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। फिर भला मेरा स्वभाव डिप्लोमैटिक क्यों नहीं होगा।” अदनान ने शनिवार को मैजिक बस एनजीओ के सहयोग से एक ओपन एयर पब्लिक चैरिटी कन्सर्ट ‘वल्र्ड बिगेस्ट गेस्ट लिस्ट 2017’ में अपनी कला का प्रदर्शन किया। यह वंचित बच्चों को शिक्षा प्रदान करने की एक पहल थी।

आईएएनएस