ताज महोत्सव की एक शाम कवियों के नाम, श्रृंगार-प्रेमरस में भीगे दर्शक

Published by Admin Published: February 24, 2016 | 11:42 am
Modified: August 10, 2016 | 3:43 am

आगरा: सिल्वर जुबली ताजमहोत्सव को खास बनाने के लिए यहां हर दिन मनोरंजन का अलग-अलग तड़का लग रहा है। जिसका लोग  लुत्फ उठा रहे है।  महोत्सव के दौरान कई लगातार कई आयोजन हो रहे है। कलाका र लोगों का मनोरंजन कर रहे है। इसी श्रृंख्ला में  मंगलवार की शाम कवि सम्मलेन के नाम रही।  इसमें कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रेम, देशप्रेम और विरह की कविताओं का पाठ किया। राजनैतिक और सामाजिक दशा पर कटाक्ष की गई रचनाओं को  श्रोताओं की वाह-वाह मिली।

ताज महोत्सव में कवि  सम्मेलन
ताज महोत्सव में कवि सम्मेलन

महोत्सव की जान रहे ये कवि
महोत्सव में आयोजित कवि सम्मेलन में पदमश्री अशोक चक्रधर, विनीत चौहान, श्री सोम ठाकुर, अरुण जैमनी, प्रमोद तिवारी, कविता किरन, पवन आगरी , अजात शत्रु , अशोक अनहद, पूनम वर्मा , जैसे करीब एक दर्जन से ज्यादा दिग्गज कविओं ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। इस दौरान मंच से कभी गम्भीर तो कभी हंसी के ठहाके निकले,  भ्रष्टाचार और मिलावट जैसे तलख मुद्दों पर कवियों ने समाज को जागरूक करने कोशिश की और अपनी कविताओं से वहां मौजूद सभी लोगों को वाह वाह कहने पर मजबूर कर दिया। महोत्सव में ताजनगरी कवियों के ही रंग में रंग रही। कवि ने भी दर्शकों को वीररस, श्रृंगाररस और प्रेमरस में सराबोर कर दिया।
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