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फतवे से नाराज सोनू निगम ने मुंडवाया सिर, कहा- मौलवी अब घर लाएं 10 लाख रुपए

Updated on: 19 April 2017 11:00 AM GMT
फतवे से नाराज सोनू निगम ने मुंडवाया सिर, कहा- मौलवी अब घर लाएं 10 लाख रुपए
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sonu nigam

मुंबई: अजान को लेकर किए गए ट्वीट के चलते कंट्रोवर्सी में फंस चुके सिंगर-एक्टर सोनू निगम ने भी काफी नाराजगी जताई है। इसके लिए उन्होंने खुद ही अपना सिर मुंडवा लिया है। दरअसल सोनू निगम ने ट्वीट को लेकर किए जा रहे बवाल पर अपनी सफाई देने के लिए प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी। पर हर कोई उस टाइम हैरान रह गया, जब उन्होंने वहीं पर अपना सिर मुंडवा लिया।

बता दें कि सोनू निगम ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वेस्ट बंगाल माइनॉरिटी यूनाइटेड काउंसिल के उपाध्यक्ष सैयद साह अतेफ अली अल कादरी ने अनाउंस किया था कि जो इंसान सोनू निगम का सिर मुंडवाकर उन्हें जूतों की माला पहनाकर पूरे देश में घुमाएगा, उसे 10 लाख रुपयों का इनाम दिया जाएगा। ऐसे में अपनी नाराजगी दिखाते हुए सोनू निगम ने खुद ही अपने बालों को उड़वा लिया और मौलवी से 10 लाख रुपए तैयार रखने की मांग भी की



प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या बोले सोनू निगम

-अजान विवाद पर बुलाई गई कांफ्रेंस में सोनू निगम ने कहा कि उन्होंने अजान पर कोई सवाल नहीं उठाया था। उन्होंने अपना ट्वीट केवल मस्जिदों में यूज होने वाले लाउडस्पीकर्स पर नहीं बल्कि मंदिरों और गुरुद्वारों में यूज होने वाले लाउडस्पीकर्स के लिए भी दिया था।

-उनका कहना है कि वह हर धर्म की रिस्पेक्ट करते हैं मेरी कही बात को कोई गलत तरीके से ना ले, यही बताने के लिए मैंने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई है।

-उन्होंने कहा कि मैं मुस्लिम धर्म का विरोधी नहीं हूं मेरे स्टेटमेंट को गलत तरीके से पेश किया गया है।

यह भी पढ़ें: बढ़ी सोनू निगम की मुश्किलें: दर्ज हुआ केस, कांग्रेसी नेता ने थप्पड़ मारने पर रखा 1 लाख का इनाम

-मेरा मानना है कि चाहे मंदिर हो, या फिर गुरुद्वारा या फिर मस्जिद, कहीं भी लाउडस्पीकर्स का यूज नहीं होना चाहिए।

-कहने को आप इंडिया को अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया बनाना चाहते हैं, लेकिन यहां तो किसी को अपनी बात कहने की आजादी ही नहीं है।

आगे की स्लाइड में जानिए और क्या बोले सोनू निगम

-लाउडस्पीकर किसी भी धर्म से ताल्लुक नहीं रखते हैं इस तरह से इनका यूज तो सरासर गुंडागर्दी है।

-लोग धर्म के नाम पर गुंडागर्दी करते हैं। लोग तो धर्म के नाम पर चरस पीकर नाचते हैं। क्या ये गुंडागर्दी नहीं है। अगर लोग मेरी बात को समझते हैं, तो इसे गलत तरीके से क्यों पेश कर रहे हैं?

-मुझे सभी धर्मों में यकीन है मैं मंदिर और गुरुद्वारे दोनों जगह जाता हूं। जब वहां लाउडस्पीकर लगे देखता हूं, तो लगता है कि ये सरासर गुंडागर्दी है। धर्म के नाम पर शोर नहीं मचाना चाहिए।

-मैं अपने आपको सेक्युलर मानता हूं. मैं ना तो राइट विंग हूं और ना ही लेफ्ट विंग। मेरे जैसे लोग बहुत ही कम हैं मेरी कही बात को सही से पेश किया जाए।

-मैंने अपनी बात को सामाजिकता से कहा है, धार्मिकता से इसका कोई ताल्लुक नहीं है। मुझे अपनी राय रखने का अधिकार है। अगर किसी को मेरी बात नहीं पसंद है, तो उसके लिए भी एक तरीका होता है।

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