Top

मशहूर संगीतकार एसपी बालासुब्रमण्यम के जन्मदिन पर जानें इनके खास गीत

SP Balasubramaniam Birthday:एसपी बालासुब्रमण्यम ने अपने करियर में 16 भाषाओं में 40 हजार से अधिक गीतों को आवाज दी है।

Network

NetworkNewstrack NetworkShraddhaPublished By Shraddha

Published on 3 Jun 2021 11:22 AM GMT

एसपी बालासुब्रमण्यम ने 16 भाषाओं में 40 हजार से अधिक गीतों को अपनी आवाज दी
X

एसपी बालासुब्रमण्यम(फाइल फोटो सौ. से सोशल मीडिया) 

  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

SP Balasubramaniam Birthday : भारतीय मशहूर संगीतकार एसपी बालासुब्रमण्यम (SP Balasubramaniam) ऐसे गीतकार थे जिन्होंने अपने करियर में 16 भाषाओं में 40 हजार से अधिक गीतों को अपनी आवाज दी। इनका जन्म 4 मई को मनाया जाता है इनके जन्मदिन के मौके पर जानते इनकी जिंदगी से जुड़े कई किस्से।

भारतीय संगीतकार बालासुब्रमण्यम का जन्म आंध्र प्रदेश में एक तेलुगु ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता एस. पी. सांबामूर्ति एक हरिकथा कलाकार थे, जिन्होंने नाटकों में भी अभिनय किया था। उनकी मां शकुंथलम्मा थीं, जिनकी मृत्यु 4 फरवरी 2019 को हुई थी। बालासुब्रमण्यम के बेटे एस. पी. चरण भी एक लोकप्रिय दक्षिण भारतीय गायक, अभिनेता और निर्माता हैं।

कई भाषाओँ में गाया गाना

बालसुब्रमण्यम ने चार अलग-अलग भाषाओं तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और हिंदी में अपने काम के लिए सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्वगायक के लिए छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते हैं। इन्होंने तेलुगु सिनेमा में काम के लिए नंदी पुरस्कार जीता है और कर्नाटक और तमिलनाडु से कई अन्य राज्य पुरस्कार जीते। इसके अलावा इन्होंने फिल्मफेयर पुरस्कार और दक्षिण में छह फिल्मफेयर पुरस्कार जीते।

भारत सरकार की तरफ से पद्म श्री अवॉर्ड

बालसुब्रमण्यम ने अपने करियर में 40,000 से अधिक गीतों के साथ सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 8 फरवरी 1981 को सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक बेंगलुरु में संगीतकार उपेंद्र कुमार के लिए कन्नड़ में 21 गाने रिकॉर्ड किए। इसके अलावा, उन्होंने एक दिन में 19 गाने तमिल में और 16 गाने हिंदी में रिकॉर्ड किए, जिसे रिकॉर्ड भी कहा गया। 2012 में उन्हें भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए राज्य एनटीआर राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। 2016 में उन्हें इंडियन फिल्म पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर के रूप में सिल्वर पीकॉक मेडल से सम्मानित किया गया। वह भारत सरकार से पद्म श्री (2001), पद्म भूषण (2011) और पद्म विभूषण (मरणोपरांत) (2021) को मिला।

एसपी बालासुब्रमण्यम (फाइल फोटो सौ. से सोशल मीडिया)

ए.आर.रहमान के साथ अलग जुड़ाव था

1990 के दशक में बालसुब्रमण्यम ने विद्यासागर, एम. एम. कीरवानी, हमसलेखा, एस.ए. राजकुमार और देवा जैसे संगीतकारों के साथ काम किया। बताया जाता है कि इनका ए.आर.रहमान के साथ एक अलग जुड़ाव था जो इनके लिए एक बड़ी सफलता थी। बालासुब्रमण्यम ने फिल्म रोजा में एआर रहमान के लिए तीन गाने रिकॉर्ड किए।

संगीतकार हमसलेखा के साथ बालसुब्रमण्यम का जुड़ाव कन्नड़ में प्रेमलोक के बाद शुरू हुआ। इन्होंने ने कन्नड़ में हमसलेखा के लिए सबसे ज्यादा गाने गाए। उन्हें कन्नड़ फिल्म गणयोगी पंचाक्षरी गवयी (1995) के गीत "उमांडु घुमंदु" के लिए सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक का अपना चौथा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला, जो हमसलेखा द्वारा एक हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत-आधारित रचना थी।

90 के दशक के गीत

एसपी बालासुब्रमण्यम ने 90 के दशक में हिंदी फिल्म जगत के लिए कई हिट गाने गाए हैं जिसमें से फिल्म मैंने प्यार किया 1989 में "दिल दीवाना", "मेरे रंग में " गाना गाया। 1994 में हम आपके हैं कौन फिल्म के लिए पहला -पहला प्यार है, हम आपके हैं कौन, दीदी तेरा दीवाना गाना। इसके बाद 1991 में आई फिल्म पत्थर के फूल में कभी तू छलिया लगता है, तुमसे जो देखते ही प्यार हुआ गाना। 1992 में आई रोजा फिल्म में रोजा जानेमन में दिल को छूने वाले गीत गाए हैं।

बालासुब्रमण्यम का निधन

संगीतकार बालासुब्रमण्यम 5 अगस्त 2020 को कोरोना संक्रमण हो गया था जिसके दौरान इन्हें चेन्नई में MGM हेल्थकेयर में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। बताया जाता है कि इनकी तबीयत को लेकर सोशल मीडिया पर इनके फैन ने प्रार्थना की। फिल्म जगत के लोगों ने अस्पताल के बाहर मोमबत्ती जलाई गई। इसी तरह तेलुगु फिल्म उद्योग के कई अभिनेताओं ने लोगों से उनके जीवन के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया, कई टॉलीवुड संगीतकारों ने भी सामूहिक प्रार्थना का आयोजन किया। इसके बाद 25 सितंबर 2020 को इनका निधन हो गया।

Shraddha

Shraddha

Next Story