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सुशांत केस में NCB पर बड़ा आरोप: इस व्यक्ति ने दायर की याचिका, हर्जाने की भी मांग

सुशांत की मौत के मामले में सामने आए ड्रग्स एंगल की जांच कर रही नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो (NCB) पर एक व्यक्ति ने गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखने का आरोप लगाया है।

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ShreyaBy Shreya

Published on 20 Oct 2020 9:37 AM GMT

सुशांत केस में NCB पर बड़ा आरोप: इस व्यक्ति ने दायर की याचिका, हर्जाने की भी मांग
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सुशांत के घरेलु सहायक ने NCB पर लगाया बड़ा आरोप
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नई दिल्ली: सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सामने आए ड्रग्‍स एंगल की जांच जारी है। वहीं इस बीच ड्रग्स केस की जांच कर रही नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो (NCB) पर एक व्यक्ति को गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखने का आरोप लगा है। ये आरोप और किसी ने नहीं बल्कि सुशांत के घर पर काम करने वाले नौकर ने लगाया है। सुशांत के घरेलू सहायक ने इस संबंध में बॉम्‍बे हाई कोर्ट (Bombay High court) में याचिका भी दायर की है।

सरकार से दस लाख रुपये का मुआवजा की मांग

हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका में सुशांत के घरेलू सहायक ने सरकार से दस लाख रुपये का मुआवजा भी मांगा है। एक्टर के घर पर काम करने वाले इस शख्स का कहना है कि NCB ने उसे गैर कानूनी रूप से कस्टडी में रखा। जो कि संविधान के अनुच्‍छेद 21 और अनुच्‍छेद 22 का उल्‍लंघन है। घरेलू सहायक द्वारा याचिका की सुनवाई 6 नवंबर को की जाएगी। इस याचिका की सुनवाई बॉम्‍बे हाई कोर्ट के जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस कार्णिक की पीठ करेगी।

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NDPS एक्ट के तहत लिया था हिरासत में

बता दें कि याचिका दायर करने वाले इस शख्स को NCB ने ड्रग्स केस में NDPS एक्ट के तहत हिरासत में लिया था। उस पर सुशांत के लिए ड्रग्स खरीदने का आरोप था। इसके बाद हाई कोर्ट ने व्यक्ति को दो हफ्ते पहले जमानत पर रिहा कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, याचिकाकर्ता द्वारा याचिका में आरोप लगाया गया है कि NCB ने रिकॉर्ड में दर्शाया है कि उसे पांच सितंबर को रात 8 बजे पकड़ा था, लेकिन उसे चार सितंबर को रात 10 बजे पकड़ा गया था।

क्या है याचिकाकर्ता का कहना?

इसके बाद उसे एनसीबी के पास ही रखा गया था। व्यक्ति का कहना है कि उसे छह सितंबर को कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से उसे 9 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। याचिकाकर्ता का कहना है कि उसे 36 घंटे से ज्यादा समय के बाद अदालत के सामने पेश किया गया था, जो कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की गाइडलाइंस और संविधान के अनुच्‍छेद 22 का उल्‍लंघन है। नियम के अनुसार, गिरफ्तारी के 24 घंटे के अंदर किसी भी शख्स को कोर्ट के सामने पेश किया जाता है।

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रिया और मिरांडा के साथ मिली है रिहाई

बता दें कि याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट ने 7 अक्‍टूबर को रिया चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा के साथ जमानत पर रिहा कर दिया था। वहीं एनसीबी का दावा है कि उसने याचिकाकर्ता को 5 सितंबर को रात 8 बजे गिरफ्तार किया था। लेकिन तत्‍काल उसकी गिरफ्तारी की सूचना नहीं दी गई थी। NCB ने व्यक्ति को 6 सितंबर को सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर उसके भाई को फोन करने की परमिशन दी थी। एजेंसी ने इसके पीछे SC के एक केस (डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल सरकार) का हवाला दिया है।

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