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Covid19 Infection: कोरोना वायरस से पुरुषों की फर्टिलिटी पर होता है गहरा असर? जानिए कैसे हो सकता है फ्यूचर प्रभावित
Covid19 Infection: कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। इसके अनेक प्रकार के लक्षण और बाद में होने वाली समस्याएं सामने आई हैं। अब एक नई चिंता यह है कि क्या कोविड-19 पुरुषों की प्रजनन क्षमता (fertility) पर भी असर डाल सकता है?
Covid19 infection Coronavirus Effect Male Fertility (social meda
Covid19 Infection: कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया की सेहत पर गहरा प्रभाव डाला है। इसके श्वसन और फेफड़ों पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में हम पहले से जानते थे, लेकिन अब एक नया सवाल उठ रहा है कि क्या कोविड-19 पुरुषों की प्रजनन क्षमता (fertility) को भी नुकसान पहुंचा सकता है? हाल ही में AIIMS पटना के शोधकर्ताओं ने इस विषय में एक महत्वपूर्ण अध्ययन किया है, जिसने इस बात के प्रमाण दिए हैं कि कोविड-19 संक्रमण से पुरुषों के वीर्य (semen) और शुक्राणु (sperm) की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
कोविड और पुरुष प्रजनन अंगों के बीच संबंध
कोविड-19 वायरस शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाता है। वायरस शरीर में घुसने के लिए एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम 2 (ACE2) नामक रिसेप्टर का उपयोग करता है। ये रिसेप्टर खासकर फेफड़ों, दिल और गुर्दे जैसे कई अंगों में पाए जाते हैं, लेकिन इसके साथ-साथ अंडकोष (testicles) में भी अच्छी मात्रा में होते हैं। इस वजह से वैज्ञानिकों को संदेह हुआ कि कोविड संक्रमण अंडकोष और प्रजनन क्षमता पर असर डाल सकता है।
शोध में क्या निकला खास और नया पता?
AIIMS पटना की एक रिसर्च टीम ने 19 से 45 साल के 30 पुरुषों पर एक अध्ययन किया, जिसमें यह पता लगाने की कोशिश की गई कि क्या कोरोना वायरस (COVID-19 and Male Fertility) का असर पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर भी होता है। यह शोध अक्टूबर 2020 से अप्रैल 2021 के बीच किया गया। इसमें रियल-टाइम रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेस टेस्ट (RT-PCR) की मदद से वीर्य के नमूनों की जांच की गई। अध्ययन के दौरान सामने आया कि कोविड-19 संक्रमण (Coronavirus and sperm quality) के बाद पुरुषों के वीर्य की गुणवत्ता में गिरावट आई। खासतौर पर वीर्य की मात्रा, स्पर्म की गति, संख्या और जीवन शक्ति जैसे पैरामीटर पहले की तुलना में काफी कम पाए गए। हालांकि, शोधकर्ताओं को वीर्य में कोरोना वायरस नहीं मिला, लेकिन इसके बावजूद स्पर्म की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ा। इससे यह संकेत मिलता है कि कोविड संक्रमण (COVID effect on semen) के बाद पुरुषों की फर्टिलिटी यानी प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
शोध के मुख्य निष्कर्ष इस प्रकार हैं
- वीर्य की मात्रा (semen volume) कम हो गई।
- शुक्राणुओं की जीवन क्षमता (vitality) घट गई।
- शुक्राणुओं की गति (motility) में कमी आई।
- कुल शुक्राणु संख्या (total sperm count) में कमी देखी गई।
- स्पर्म DNA फ्रेगमेंटेशन इंडेक्स (sperm DNA fragmentation index) खराब हुआ, जिससे शुक्राणुओं के DNA में नुकसान होने का पता चलता है।
वीर्य में वायरस नहीं मिला, फिर भी गुणवत्ता क्यों घटी?
यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि शोधकर्ताओं ने वीर्य में सीधे तौर पर कोविड वायरस (ACE2 receptors and fertility) नहीं पाया। इसका मतलब है कि वायरस शुक्राणुओं को सीधे नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन संक्रमण के दौरान शरीर में होने वाली सूजन और ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याएं शुक्राणुओं की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं।
प्रजनन तकनीकों (ART) और कोविड के बाद सलाह
शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) क्लीनिक्स और स्पर्म बैंकिंग केंद्रों को कोविड संक्रमित पुरुषों के वीर्य की जांच जरूर करनी चाहिए। ऐसे पुरुषों को तब तक असिस्टेड रिप्रोडक्शन प्रक्रिया से बाहर रखना चाहिए जब तक उनकी वीर्य गुणवत्ता सामान्य नहीं हो जाती। इससे भविष्य में प्रजनन से जुड़ी समस्याओं को रोका जा सकता है।
कोविड के बाद अंडकोष की सूजन
दिसंबर 2021 में प्रकाशित एक अध्ययन में एक 37 वर्षीय पुरुष में द्विपक्षीय ऑर्किटिस (दोनों अंडकोषों में सूजन) का मामला सामने आया, जो कोविड के बाद हुआ था। इस पुरुष ने कोविड संक्रमण के 15 दिन बाद अंडकोषों में तेज दर्द और सूजन की शिकायत की। ऑर्किटिस एक गंभीर स्थिति है, जिसमें अंडकोष में सूजन होती है, और यह वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के कारण हो सकती है। यह मामला बताता है कि कोविड वायरस लेयडिग कोशिकाओं (Leydig cells) में मौजूद ACE2 रिसेप्टर के जरिए अंडकोष में भी प्रवेश कर सकता है, जिससे सूजन और दर्द होता है।
कोविड संक्रमण के बाद पुरुषों में देखी गई अन्य समस्याएं
- शुक्राणुओं की संख्या में कमी
- शुक्राणु वाहिनी (spermatic duct) में सूजन
- अंडकोष में दर्द और सूजन
- प्रजनन क्षमता में गिरावट
हालांकि, ये समस्याएं हर कोविड संक्रमित पुरुष में नहीं होतीं, लेकिन ऐसे केस बढ़ते जा रहे हैं इसलिए सावधानी जरूरी है।
कोविड से उबरने के बाद क्या करें?
- अगर कोविड संक्रमण हो चुका है तो प्रजनन स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
- संक्रमण के बाद किसी भी प्रजनन संबंधी समस्या पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- समय-समय पर वीर्य परीक्षण कराएं ताकि शुक्राणुओं की गुणवत्ता का पता चलता रहे।
- संतुलित आहार लें और नियमित व्यायाम करें ताकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।
- तनाव से बचें क्योंकि तनाव भी शुक्राणु की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।
- कोविड वैक्सीन और बूस्टर डोज जरूर लगवाएं, ताकि भविष्य में संक्रमण से बचा जा सके।
कोविड-19 ने न केवल हमारे फेफड़ों और सांस की नली को प्रभावित किया है, बल्कि यह पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर भी असर डाल सकता है। AIIMS पटना के शोध ने इस बात को वैज्ञानिक आधार दिया है कि कोविड संक्रमण के बाद शुक्राणु की संख्या, गति और गुणवत्ता में गिरावट आती है। यह असर सीधे वायरस के कारण नहीं, बल्कि संक्रमण के दौरान शरीर में होने वाली सूजन और अन्य प्रक्रियाओं की वजह से होता है। इसलिए, कोविड के बाद स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए, खासकर प्रजनन स्वास्थ्य का। नियमित जांच, सही खानपान, व्यायाम और तनाव मुक्त जीवनशैली से हम इस नुकसान को कम कर सकते हैं। साथ ही, असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी केंद्रों को भी कोविड संक्रमित पुरुषों के वीर्य की गुणवत्ता पर नजर रखनी चाहिए।
इस शोध ने हमें यह समझाया है कि कोरोना का प्रभाव सिर्फ सांस लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दुष्प्रभाव शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों और प्रक्रियाओं को प्रभावित करते हैं। इसलिए जागरूक रहना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहना जरूरी है। यह जानकारी खासकर उन पुरुषों के लिए महत्वपूर्ण है जो प्रजनन क्षमता को लेकर चिंतित हैं या जो हाल ही में कोविड संक्रमित (COVID-19 impact on reproduction) हुए हैं। सही सलाह और समय पर जांच से हम अपने स्वास्थ्य को बेहतर रख सकते हैं।


