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COVID-19 cases In India: भारत में कोविड-19 के केस मामलों में अचानक उछाल, सरकार की चिंता बढ़ी! जानिए किन राज्यों में ज्यादा खतरा?
COVID-19 cases In India: देशभर में कोरोना पॉजिटिव के मामलों में एक बार फिर से वृद्धि देखी जा रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और नागरिक सतर्क हो गए हैं। हाल ही में देशभर में तकरीबन 1,000 से ज्यादा कोरोना के सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें पहले नम्बर पर केरल फिर महाराष्ट्र और दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य हैं।
COVID-19 cases In India (Photo credit: social media)
COVID-19 cases In India: भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ते जा रहा है। देशभर में कोरोना पॉजिटिव के मामलों में एक बार फिर से वृद्धि देखी जा रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और नागरिक सतर्क हो गए हैं। हाल ही में देशभर में तकरीबन 1,000 से ज्यादा कोरोना के सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें पहले नम्बर पर केरल फिर महाराष्ट्र और दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य हैं।
कोरोना पॉजिटिव के मुख्य राज्य और आंकड़े
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 27 मई 2025 तक भारत में कुल सक्रिय मामलों की संख्या लगभग 1,010 हो चुकी है। अबतक केरल में सबसे ज्यादा लगभग 430 सक्रिय मामले हैं, इसके बाद महाराष्ट्र में करीब 210 और दिल्ली में लगभग 104 मामले दर्ज किए गए है। अन्य राज्यों जैसे कोरोना पॉजिटिव के मामले गुजरात, कर्नाटक और हरियाणा में भी तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है।
नए वेरिएंट्स के लक्षण?
Indiatimes की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार संक्रमण के पीछे NB.1.8.1 और NF.7 जैसे नए वेरिएंट्स को जिम्मेदार है, जो JN.1 स्ट्रेन के प्रोटीन म्यूटेशन हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इन वेरिएंट्स की गहनता से निगरानी कर रहा है, हालांकि अभी तक इन्हें वैश्विक खतरे के रूप में घोषित नहीं किया गया है। इन वेरिएंट्स से संक्रमित मरीजों में साधारण रूप से गले में दर्द और खराश, हल्का बुखार, नाक जाम होना, थकान और हल्के पाचन संबंधी समस्या के लक्षण सामने आ रहे है।
दिल्ली में कोरोना के मामले को लेकर खास तैयारियां
The Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने कोरोना मामलों में बढ़ती तेजी को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों को तैयार रहने का आदेश दिया है। इसमें पर्याप्त बेड, ऑक्सीजन, ज़रूरी दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि नए वेरिएंट्स पिछले स्ट्रेनों की तुलना में ज्यादा संक्रामक या खतरनाक नहीं हैं।
चंडीगढ़ में हुई पहली मौत
Mint की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर भारत में कोरोना वायरस से पहली मौत चंडीगढ़ में दर्ज की गई है। 40 साल का एक व्यक्ति, जो लुधियाना में माली का काम करता था। वो गंभीर रूप से सांस लेने की समस्या से जूझ रहा था जिसे चंडीगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह 27 मई को कोरोना पॉजिटिव पाया गया और अगले दिन उसकी मौत हो गई। स्वास्थ्य अधिकारी JN.1 वेरिएंट की जांच कर रहे हैं और नमूनों को जीनोमिक निगरानी के लिए भेजा गया है।
कोरोना के बढ़ते मामलों पर विशेषज्ञों की सलाह
Indiatimes के मुताबिक, वर्तमान स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है लेकिन सावधानी भी अति आवश्यक है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि लक्षण 3 से 4 दिनों से ज्यादा समय तक बने रहें, तो तुरंत जांच कराएं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, मास्क अवश्य पहनें, हाथों की साफ़ सफाई का ध्यान रखें और टीकाकरण करवाएं।
हालांकि देशभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों में तेजी देखी जा रही है लेकिन ज्यादातर मामले हल्के लक्षणों वाले हैं और स्वास्थ्य प्रणाली तैयार है। ऐसी स्थिति देखते हुए जनता से अपील है कि वे सतर्क रहें, स्वास्थ्य निर्देशों का पालन करें और कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर की सहायता लें।


