‘साइलेंट किलर’ है समय से पहले मेनोपॉज, दिल और दिमाग पर बढ़ाता है गंभीर खतरा! स्टडी में हुआ खुलासा

Women Health: नई रिसर्च में पता चला है कि समय से पहले मेनोपॉज महिलाओं के दिल और दिमाग की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है, जिससे मानसिक क्षमता घटती है।

Akriti Pandey
Published on: 21 Oct 2025 4:09 PM IST
Women Health, Early menopause
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Women Health: हाल ही में हुई एक नई रिसर्च में यह सामने आया है कि अगर महिलाओं में मेनोपॉज समय से पहले हो जाए, तो इसका असर न केवल उनके दिल की सेहत, बल्कि दिमाग की कार्यक्षमता पर भी पड़ सकता है। यह अध्ययन बताता है कि दिल की कमजोर स्थिति और समय से पहले हुआ मेनोपॉज मिलकर महिलाओं की सोचने-समझने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

दिल की खराब सेहत और दिमाग की कार्यक्षमता का संबंध

पहले की कई रिसर्च में यह पाया गया है कि जिन महिलाओं में मेनोपॉज जल्दी होता है, उन्हें बुढ़ापे में याददाश्त कमजोर होने और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा अधिक होता है। जब दिल ठीक से खून पंप नहीं कर पाता, तो दिमाग तक जरूरी ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति भी कम हो जाती है। इससे दिमाग की कोशिकाएं कमजोर पड़ सकती हैं और छोटे स्ट्रोक्स या डिमेंशिया जैसी स्थितियां विकसित हो सकती हैं।

दिमाग की बनावट में बदलाव

नई स्टडी में पाया गया कि समय से पहले मेनोपॉज होने पर महिलाओं के दिमाग के खास हिस्सों का आकार कम हो जाता है। इसके अलावा, दिमाग में सफेद धब्बों की संख्या बढ़ जाती है, जो सोचने-समझने की ताकत को प्रभावित करते हैं। इन धब्बों का संबंध मानसिक रोगों से भी होता है और ये ब्रेन एजिंग की निशानी माने जाते हैं।

शोध में कैसे किया गया विश्लेषण?

यह शोध 2025 में ऑरलैंडो में हुई "द मेनोपॉज सोसायटी" की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किया गया। इसमें 500 से अधिक महिलाओं को शामिल किया गया। शोध में दिल की कार्यक्षमता को कार्डियक एमआरआई से और दिमाग की बनावट को ब्रेन एमआरआई के जरिए मापा गया। इसके अलावा महिलाओं की मानसिक क्षमता को जानने के लिए कई मानक मानसिक परीक्षण भी किए गए।

विशेषज्ञों की राय

टोरंटो विश्वविद्यालय के प्रमुख लेखक टैलिन स्प्लिंटर ने कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं था कि मेनोपॉज का दिमाग पर क्या असर होता है, खासकर जब वह समय से पहले हो। इसलिए इस रिसर्च में दिल और दिमाग की सेहत को साथ मिलाकर जांचा गया। वहीं, मेनोपॉज सोसायटी की चिकित्सा निदेशक डॉ. स्टेफनी फौबियन ने कहा कि यह निष्कर्ष बेहद महत्वपूर्ण है। महिलाओं में डिमेंशिया और याददाश्त की कमजोरियों को समझने और रोकने के लिए जीवन की अहम घटनाओं, जैसे मेनोपॉज की उम्र, को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

क्या करें महिलाएं?

इस अध्ययन से यह स्पष्ट है कि महिलाओं को अपने मेनोपॉज की उम्र का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर मेनोपॉज जल्दी हो रहा है, तो दिल और दिमाग की समय पर जांच कराना जरूरी हो जाता है। ऐसा करके भविष्य में मानसिक और हृदय संबंधी समस्याओं से बचाव संभव है।

IANS इनपुट के साथ

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Akriti Pandey is a journalist with more than three years of experience in the media industry. She holds a degree in Mass Communication and Journalism and specializes in writing on education, lifestyle, health, and astrology-related topics. Known for her reader-focused approach and engaging storytelling, Akriti is passionate about creating informative and accessible content. In her free time, she enjoys writing, sports, and traveling.

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