Top

हे भगवान! भारत से पशु तस्करी, बांग्लादेश डेयरी उद्योग को नुकसान

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 15 July 2017 2:25 PM GMT

हे भगवान! भारत से पशु तस्करी, बांग्लादेश डेयरी उद्योग को नुकसान
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

शिलांग : बॉर्डर गॉर्ड्स बांग्लादेश ने शनिवार को अपने भारतीय समकक्ष बीएसएफ से पशु तस्करी पर रोक लगाने के लिए कहा है, क्योंकि उनका कहना है कि इससे बांग्लादेश के डेयरी उद्योग को नुकसान हो रहा है।

बीजीबी के अतिरिक्त महानिदेशक एम. जाहिद हसन ने यहां पत्रकारों से कहा, "यह सच्चाई है कि भारत से तस्करी पर पशु बांग्लादेश लाए जाते हैं। हमने स्वीकार भी किया है और इसे चिह्नित भी किया है कि पशु खुद चलकर नहीं आ सकते। यह सहज ही समझने वाली बात है कि पशु तस्करी में दोनों देशों के नागरिक शामिल हैं।"उन्होंने कहा, "वास्तव में इससे हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है। ये पशु पश्चिमी भारत और भारत के अंदरूनी हिस्सों से लाए जाते हैं। अगर ये पशु भारत से नहीं लाए जाते तो हमारे पशुपालक अपने पशुओं की देखभाल कर सकते हैं।"

हसन ने कहा, "हमने बीएसएफ से भारतीय नागरिकों को पशु तस्करी में संलिप्त होने से रोकने का अनुरोध किया है। इससे अन्य परेशानियां भी हल की जा सकती हैं।"

वहीं बीएसएफ के मेघालय सरहद के प्रभारी महानिरीक्षक पी. के. दुबे ने कहा, "बीजीबी के साथ वार्ता के दौरान हमारे मुख्य बिंदुओं में बांग्लादेश में भागकर छिपे भारतीय घुसपैठियों के अलावा बांग्लादेश के साथ पशु तस्करी भी एक अहम मुद्दा रहा।"दुबे ने कहा, "हमने जमीनी स्तर पर कुछ ठोस योजनाएं बनाई हैं तथा भारत-बांग्लादेश सीमा पर होने वाले अन्य अपराधों के अलावा पशु तस्करी पर रोकथाम के लिए हम दिन-रात संयुक्त रूप से गश्त करेंगे।"बीएसएफ अधिकारी ने बांग्लादेश में किसी भारतीय आतंकवादी संगठन के 'जड़ जमाए होने' या 'व्यवस्थित' होने से तो इंकार किया, लेकिन यह भी कहा कि अधिकतर भारतीय आतंकवादी गिरफ्तारी से बचने के लिए सीमावर्ती इलाकों में रह रहे बांग्लादेशियों से विवाह कर अपनी नागरिकता बदल लेते हैं।

Rishi

Rishi

आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

Next Story