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बिहार में 'AAP' की दस्तक! केजरीवाल की पार्टी की चौथी लिस्ट जारी, अकेले दम पर लड़ने का किया बड़ा एलान
Bihar election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी चौथी सूची जारी कर दी है। केजरीवाल की पार्टी ने एलान किया है कि वह सभी 243 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी।
Bihar Election 2025 AAP Entry: बिहार विधानसभा चुनाव का मैदान सज चुका है और इस बार आम आदमी पार्टी (AAP) भी पूरे जोश में अपनी किस्मत आजमाने उतर चुकी है। दिल्ली और पंजाब में अपनी धाक जमाने वाली केजरीवाल की पार्टी ने बिहार में 'एकला चलो' की रणनीति अपनाई है और अकेले दम पर सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का बड़ा एलान किया है। इसी सिलसिले में, 'आप' ने अब अपने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी कर दी है, जिससे बिहार के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई है।
AAP ने उतारे 12 और योद्धा
आम आदमी पार्टी ने अपनी चौथी लिस्ट में 12 नए और मजबूत उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। इस लिस्ट को मिलाकर, अब तक पार्टी कुल 99 प्रत्याशियों के नाम का एलान कर चुकी है। यह साफ दर्शाता है कि पार्टी पूरी ताकत के साथ बिहार की चुनावी जंग में उतरने को तैयार है।
इस नई सूची में कई महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों से उम्मीदवारों को उतारा गया है। पार्टी ने मधुबन से कुमार कुनाल, सीतामढ़ी से रानी देवी, और खजौली से आशा सिंह को मैदान में उतारा है। वहीं, फुलपरास सीट से गोरीशंकर पर भरोसा जताया गया है। इसके अलावा, सूपौल से बृज भूषण (नवीन), अमौर से मोहम्मद मुंताजिर आलम और पिरपैंती से प्रीतम कुमार को टिकट दिया गया है।
दक्षिण बिहार में भी पार्टी ने अपनी पकड़ बनाने की कोशिश की है। कुटुम्बा से शरावन घुइया, गुरुआ से सचितानंद श्याम, और गया टाउन से अनिल कुमार को प्रत्याशी बनाया गया है। साथ ही, सिकंदरा से राहुल राणा और जमुई से रमाशिष यादव को पार्टी ने चुनावी रण में उतारा है।
केजरीवाल मॉडल से बिहार में बदलाव की तैयारी
आम आदमी पार्टी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर अकेले ही ताल ठोकेगी। 'आप' की योजना दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों में सफलतापूर्वक लागू किए गए 'केजरीवाल मॉडल' को अब बिहार में दोहराने की है। इस मॉडल का केंद्रबिंदु है शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना और आम जनता तक पहुंचाना। पार्टी अपने चुनाव प्रचार के दौरान उन मुद्दों पर खास ध्यान केंद्रित करेगी, जो बिहार की जनता को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। इनमें पलायन, बेरोजगारी, और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं, जिन्हें पार्टी जोर-शोर से जनता के बीच उठाएगी।


