Bihar Election Result 2025: काउंटडाउन शुरू! बिहार का नया CM कौन? ये 3 फैक्टर जो तय करेंगे जीत

Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नए CM का फैसला आज मतगणना के बाद होगा। महिला वोटर, युवा और जातीय समीकरण तय करेंगे किसकी बनेगी सरकार, पढ़ें पूरी जानकारियाँ।

Harsh Srivastava
Published on: 14 Nov 2025 7:00 AM IST
Bihar Election Result 2025: काउंटडाउन शुरू! बिहार का नया CM कौन? ये 3 फैक्टर जो तय करेंगे जीत
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Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव का महासंग्राम अब निर्णायक मोड़ पर है।आज, शुक्रवार को सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी, जिसके साथ ही राज्य की 243 सदस्यीय विधानसभा की तस्वीर साफ हो जाएगी। चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए राज्य के 38 जिलों में स्थित कुल 46 मतगणना केंद्रों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं। इस साल के चुनावों में 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में हुए मतदान में 67.13 फीसदी का ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया है। जहां एक ओर अधिकांश एग्जिट पोल्स ने NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की सत्ता में वापसी की संभावना जताई है, वहीं दूसरी ओर कुछ पोल्स महागठबंधन (MGB) की सरकार बनने का दावा कर रहे हैं। इस रिकॉर्डतोड़ वोटिंग ने दोनों ही गठबंधनों में उत्साह और चिंता दोनों का माहौल बना दिया है।

रिकॉर्ड मतदान: बदलाव या समर्थन?

रिकॉर्डतोड़ वोटिंग हमेशा से ही बिहार के राजनीतिक विश्लेषकों के लिए एक पहेली रही है। महागठबंधन इस बढ़े हुए मतदान को 'बदलाव की बयार' बताकर उत्साहित है, उनका मानना है कि यह सत्ता विरोधी लहर का प्रतीक है। वहीं, NDA इस उच्च मतदान को अपनी महिला-केंद्रित योजनाओं के कारण मिले समर्थन के रूप में देख रहा है। इस अनिश्चितता के माहौल में, चुनावी नतीजों की दशा-दिशा तय करने वाले तीन प्रमुख फैक्टर हैं, जिनके रुझानों से दोनों गठबंधनों में खुशी और गम दोनों का माहौल है। एक्सिस माई इंडिया के प्रदीप गुप्ता के मुताबिक, ये तीन निर्णायक फैक्टर हैं: महिला, युवा और जातीय समीकरण।

फैक्टर 1: महिला मतदाता - NDA को बड़ी बढ़त

महिला मतदाताओं ने इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाई है। एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार, महिला मतदाताओं का झुकाव स्पष्ट रूप से NDA की तरफ ज्यादा रहा है।

एजेंसी ने दावा किया है कि 45 फीसदी महिलाओं के वोट NDA के खाते में गए हैं।

जबकि, 40 फीसदी वोट महागठबंधन को मिले हैं।

यानी, महिला वोटिंग के मोर्चे पर NDA को 5 प्रतिशत की महत्त्वपूर्ण बढ़त हासिल है। इस बढ़त के पीछे केंद्र और राज्य सरकारों की महिला-आधारित योजनाएं जैसे शराबबंदी, साइकिल योजना, और आर्थिक सहायता को बड़ी वजह माना जा रहा है। NDA के रणनीतिकार इसी फैक्टर के दम पर अपनी जीत सुनिश्चित मान रहे हैं।

फैक्टर 2: युवा मतदाता - महागठबंधन की ताकत

युवाओं के वोटिंग पैटर्न में महागठबंधन को बड़ी ताकत मिली है, जो NDA के लिए चिंता का विषय है।

18 से 19 वर्ष (फर्स्ट टाइम वोटर्स): इस वर्ग में 46 फीसदी ने महागठबंधन को वोट दिया, जबकि 37 फीसदी ने NDA को वोट दिया।

20 से 29 साल के युवा: इस सबसे बड़े आयु वर्ग में भी 44 फीसदी ने महागठबंधन को, जबकि 37 फीसदी ने NDA को वोट दिया।

30 से 39 साल के युवा: इस वर्ग में NDA को 43 फीसदी और महागठबंधन को 42 फीसदी वोट मिले, जो लगभग बराबरी का मुकाबला रहा।

महागठबंधन को लगता है कि उनके 'नौकरी' के वादे ने इस बड़े युवा वर्ग को उनकी तरफ आकर्षित किया है। इसके अलावा, सर्वे में यह भी सामने आया है कि 49 फीसदी बेरोजगारों और 48 फीसदी विद्यार्थियों ने महागठबंधन को वोट किया है, जो युवाओं के गुस्से को दर्शाता है।

फैक्टर 3: जातीय समीकरण - MY का बोलबाला, EBC का समर्थन

बिहार की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा से ही किंगमेकर रहे हैं, और इस बार भी इनके रुझान बहुत तीखे हैं।

यादव और मुस्लिम (MY समीकरण): राज्य की सबसे बड़ी जातीय आबादी यादवों में से 90 फीसदी ने महागठबंधन को वोट किया, जबकि केवल 6 फीसदी ने NDA को। इसी तरह, 79 फीसदी मुस्लिमों ने महागठबंधन को वोट किया, जबकि सिर्फ 8 फीसदी ने NDA को। यह MY समीकरण (लगभग 31 फीसदी आबादी) महागठबंधन के लिए एकमुश्त बड़ी ताकत बना है।

अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC): NDA के लिए राहत की बात EBC वोटों में दिखी। 61 फीसदी EBC (EBC) ने NDA को वोट किया है, जबकि महागठबंधन को सिर्फ 23 फीसदी EBC वोट मिले हैं। यह NDA के लिए एक बड़ा समर्थन आधार है।

दोनों गठबंधनों में 'खुशी और गम'

इन फैक्टरों के विश्लेषण ने दोनों ही गठबंधनों में अपनी-अपनी जीत के दावे को मजबूत किया है:

महागठबंधन का उत्साह: MGB को लगता है कि MY समीकरण का एकमुश्त वोट, युवा वर्ग का जबरदस्त समर्थन और नौकरी का वादा उनकी जीत के लिए निर्णायक फैक्टर बनेंगे।

NDA का भरोसा: NDA को महिला वोटर्स का 5 फीसदी का स्पष्ट फायदा और EBC का मजबूत समर्थन उनके लिए 'वरदान' साबित होगा।

अंतिम फैसला आज मतगणना के बाद ही होगा, जब इन तीनों फैक्टरों के रुझान ईवीएम से बाहर आएंगे और तय करेंगे कि बिहार में किसका 'राज' होगा।

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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