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Bihar Election Results 2025: बीजेपी की ओबीसी महिला रेणु देवी 22373 वोटों से जीती
Bettiah Vidhan Sabha Election Results 2025: रेणु देवी बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली महिला नेता के रूप में जानी जाती हैं।
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Bettiah Vidhan Sabha Election Results 2025: रेणु देवी बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली महिला नेता के रूप में जानी जाती हैं। भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ सदस्य और बिहार की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होने के नाते उन्होंने राज्य की राजनीति में कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। पश्चिम चंपारण की बेतिया सीट को उन्होंने वर्षों से भाजपा का स्थिर गढ़ बनाए रखा है। नोनिया (ओबीसी) समुदाय से आने वाली रेणु देवी 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में बेतिया से भाजपा की उम्मीदवार हैं जहाँ उनका मुकाबला कांग्रेस के वंशी अहमद और जन सुराज के अनिल कुमार सिंह से है। उनकी उम्मीदवारी एनडीए की ओबीसी-महिला वोट बैंक रणनीति का केंद्रीय हिस्सा है। BJP रेणु देवी (बेतिया विधानसभा)
रेणु देवी का प्रारंभिक जीवन और परिवार (Bihar BJP Renu Devi Bio in Hindi)
रेणु देवी का जन्म 5 जनवरी 1966 को पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में एक साधारण ओबीसी परिवार में हुआ। बचपन ग्रामीण परिवेश में बीता, जहाँ बाढ़, कृषि संकट, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और सामाजिक असमानता जैसी समस्याएँ आम थीं। आरंभ से ही वे सामाजिक कार्यों और महिला जागरूकता कार्यक्रमों से जुड़ी रहीं। उनके परिवार में पति हरिकेश सिंह और दो बच्चे, एक पुत्र और एक पुत्री, शामिल हैं। नोनिया समुदाय में उनका सामाजिक आधार बेहद मजबूत है और वे लंबे समय से पश्चिम चंपारण के जनता-जनार्दन के बीच सक्रिय राजनीतिक नेतृत्व का प्रतीक रही हैं।
उनकी प्रारंभिक पढ़ाई बेतिया के स्थानीय स्कूलों में हुई। इसके बाद उन्होंने बी.आर. अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। कॉलेज जीवन से ही वे विभिन्न सामाजिक संगठनों में सक्रिय रहीं और महिलाओं तथा ग्रामीण समुदायों के मुद्दों पर काम करती रहीं।
रेणु देवी का राजनीतिक करियर (Bihar BJP Renu Devi Political Career in Hindi)
रेणु देवी ने 2000 में औपचारिक रूप से राजनीति में प्रवेश किया और बहुत जल्दी बीजेपी की प्रमुख ओबीसी महिला नेता के रूप में स्थापित हो गईं। उन्होंने पार्टी संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। 2000 में वो पहली बार बेतिया से विधायक चुनी गईं। 2005–2010 में वह बिहार सरकार में पशुपालन एवं आपदा प्रबंधन मंत्री रहीं। 2015 में वह विपक्ष की उपनेता रहीं, जब जदयू महागठबंधन में शामिल था। 2020–2022 में रेणु देवी बिहार की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनीं। 2024 से वह बिहार विधानसभा में विपक्ष की उपनेता रहीं. रेणु देवी ने ओबीसी महिला नेतृत्व को भाजपा के विस्तार का मुख्य घटक बनाया और राज्य में संगठन की मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विवाद और आलोचनाएँ
2022 में नीतीश कुमार के एनडीए से अलग होने पर उनसे उपमुख्यमंत्री पद छिन गया, जिसे लेकर राजनीतिक बहसें तेज हुईं।
2010 की हार को विपक्ष अक्सर इसे उनकी “संगठनात्मक कमजोरी” के रूप में पेश करता है।
इसके अलावा रेणु देवी का राजनीतिक करियर अपेक्षाकृत विवाद-मुक्त माना जाता है और उन पर कोई बड़ा आपराधिक आरोप नहीं है।
व्यक्तिगत जीवन और संपत्ति
रेणु देवी विवाहित हैं और परिवार बेतिया/पटना में रहता है। 2020 के हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 50 लाख रुपये से अधिक है और कोई देनदारी नहीं है। उनकी रुचियों में महिला उत्थान, ग्रामीण विकास और आपदा प्रबंधन शामिल हैं।
रेणु देवी बीजेपी की ओबीसी महिला राजनीति की सबसे सशक्त आवाजों में गिनी जाती हैं। वर्षों से बेतिया में उनकी पकड़ बनी हुई है और उन्होंने राज्य में महिला नेतृत्व की एक ऐतिहासिक मिसाल पेश की है। 2025 का चुनाव पश्चिम चंपारण की राजनीतिक दिशा और एनडीए की रणनीति, दोनों के लिए निर्णायक साबित होगा।


