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भारत से दुनिया तक मशहूर हुई 'Chicken 65'! आखिर लोग क्यों है इस डिश के दीवाने? जानें दिलचस्प कहानी
Chicken 65: भारत में आपको खाने के लिए कई ऐसे खान-पान के ऑप्शंस मिल ही जाते हैं, जिनको देखकर आपके मुंह से तुरंत पानी आ जाता है। उन्हीं में से एक है Chicken 65! क्या आप जानते हैं इसके बारे में..?
History of Chicken 65 (photo: social media)
History of Chicken 65: भारत में आपको खाने के लिए कई प्रकार के डिश और ऑप्शंस मिल ही जाते हैं, जिनको देखकर तुरंत ही आपके मुंह से झट से पानी निकल आता है। उन्हीं में से एक है Chicken 65! शायद ही आपने ये नाम सुना हो... आमतौर पर ये मसालेदार, कुरकुरी और सुगंध से भरपूर बहुत स्वादिष्ट और यूनिक चिकन रेसिपी होती है जो कि अब केवल भारत तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे देश और विदेश में बहुत ज़्यादा पसंद की जाती है। इसके बारे में लोगों की जानने की इच्छा अवश्य होती है कि आखिर यह इतना यूनिक क्यों है और इसका नाम Chicken 65 कैसे पड़ा ? चलिए आपको इस लेख में बताते हैं विस्तार से...
कैसे पड़ा नाम?
इस नाम के पीछे एक कहानी है। दरअसल इस डिश की शुरुआत चेन्नई से हुई थी। साल 1965 में वहां के एक मशहूर होटल Buhari ने इसे पहली बार मेनू में शामिल किया था। तब से लेकर आज तक इस डिश के नाम के साथ-साथ स्वाद भी सुर्ख़ियों में बना रहा। इसलिए यह नाम पड़ा। दूसरी थ्योरी भी है जिसके मुताबिक, होटल के मेनू में यह डिश 65 नंबर पर थी, इसलिए इसे Chicken 65 के नाम से जाना जाने लगा। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि इसमें 65 तरह के मसाले या 65 मिर्चें मिलाई जाती थीं, हालांकि यह दावा पूरी तरह से सही नहीं माना जाता। समय के साथ इस डिश के कई वर्ज़न सामने आए।
लेकिन.... आज आप रेस्टोरेंट्स में बोनलेस Chicken 65, ग्रेवी वाला Chicken 65 और यहां तक कि पनीर 65 या गोभी 65 का भी स्वाद ले सकते हैं। यानी चिकन न खाने वालों के लिए भी इसका शाकाहारी विकल्प मौजूद है।
कैसे बनाया जाता है Chicken 65 ?
इसको बनाने का तरीका बहुत सिंपल और खास है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले चिकन को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर दही और मसालों में मैरिनेट कर लिया जाता है। इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, जीरा, काली मिर्च मसाले डालकर मिला लिए जाते हैं। कुछ लोग इसमें कॉर्नफ्लोर या चावल का आटा भी मिलाते हैं ताकि चिकन फ्राई करने के बाद और ज्यादा क्रिस्पी हो जाए। इसके बाद गरम तेल में इन टुकड़ों को डीप फ्राई का लिया जाता है। जब चिकन सुनहरे रंग का और बाहर से कुरकुरा हो जाए, तो इसमें करी पत्ते, हरी मिर्च और अपने पसंद के अनुसार नींबू का रस डालकर तड़का लगाया जाता है। यही तड़का Chicken 65 को और भी ज़्यादा बना देता है।
खाने वालों के लिए इसका सबसे बड़ा कारण है इसका स्वाद और टेक्सचर। बाहर से कुरकुरी और अंदर से सॉफ्ट चिकन की बाइट, मसालों की तीखी खुशबू और साथ ही साथ नींबू की खटास सब मिलकर इसे किसी भी पार्टी या खास अवसर का 'स्टार डिश' बना देते हैं।


