उत्तर भारत में तबाही: बाढ़, भूस्खलन और भारी बारिश से जीवन हुआ बेहाल, जानिए ताजा अपडेट्स

उत्तर भारत में कश्मीर से दिल्ली तक भारी बारिश और भूस्खलन का कहर। यमुना का जलस्तर 207 मीटर पार, हाइवे ध्वस्त, और बाढ़ ने जीवन को बेहाल कर दिया। जानिए ताजा अपडेट्स।

Harsh Sharma
Published on: 5 Sept 2025 7:52 AM IST
उत्तर भारत में तबाही: बाढ़, भूस्खलन और भारी बारिश से जीवन हुआ बेहाल, जानिए ताजा अपडेट्स
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Weather News: उत्तर भारत में गुरुवार को भारी बारिश ने कई जगहों पर तबाही मचाई। हिमाचल प्रदेश में मानसून के शुरू होते ही प्राकृतिक आपदाएँ आनी शुरू हो गईं। दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से चिंता बनी हुई है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में मूसलधार बारिश और बाढ़ की स्थिति ने आम जीवन को प्रभावित किया है। स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, व्यवसायों को नुकसान हुआ है, और सड़कों पर यातायात पूरी तरह से रुक गया है।

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में गुरुवार को भूस्खलन के चलते दो घरों में मलबा गिरा। इस हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई और छह लोग मलबे में दब गए। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम ने तीन लोगों को बचाया, जिनमें एक महिला भी शामिल थी, और एक शव बरामद किया। कुल्लू के उपायुक्त तोरुल एस रविश ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से हो रही लगातार बारिश ने कई जगहों पर भूस्खलन को जन्म दिया। आखड़ा बाजार में ढहे हुए घरों के मलबे में छह लोगों की तलाश जारी है, लेकिन भारी बारिश के कारण बचाव कार्य में परेशानी आ रही है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में कुल 1,292 सड़कें बंद हैं। इनमें मंडी में 294, कुल्लू में 226, शिमला में 216, चंबा में 204 और सिरमौर में 91 सड़कें शामिल हैं।

स्थानीय मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर गरज और बिजली के साथ बारिश होने की चेतावनी दी है। मानसून की शुरुआत (20 जून) से अब तक राज्य में 95 फ्लैश फ्लड, 45 बादल फटने और 127 बड़े भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। बारिश और सड़क हादसों के कारण कम से कम 343 लोगों की जान गई है, जबकि 43 लोग अब भी लापता हैं। इस मानसून में राज्य को अब तक 3,690 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

जम्मू-कश्मीर में सड़क संपर्क बाधित

कश्मीर घाटी गुरुवार को भारी बारिश और भूस्खलन के कारण देश के बाकी हिस्सों से सड़क संपर्क से कट गई। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग समेत सभी प्रमुख सड़कों पर कई जगहों पर भूस्खलन हुआ और सड़कों का एक हिस्सा बह गया, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। 26 अगस्त से बंद राजमार्गों और अन्य सड़कों के कारण 3,500 से ज्यादा वाहन कठुआ से कश्मीर तक फंसे हुए हैं। सोमवार को कुछ हिस्सों में सड़क को आंशिक रूप से खोला गया, जिससे कुछ वाहनों को निकाला जा सका। जम्मू-राजौरी-पुंछ और बटोट-डोडा-किश्तवाड़ मार्ग भी भूस्खलन और सड़कों के टूटने के कारण बंद हैं। 26 अगस्त से हो रही भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण पठानकोट-जम्मू खंड में रेलवे ट्रैक भी खराब हो गए हैं, जिससे जम्मू रेलवे डिवीजन में रेल यातायात पिछले 9 दिनों से ठप है।

जम्मू क्षेत्र में भारी बारिश का असर

26 अगस्त से लगातार हो रही भारी बारिश ने जम्मू क्षेत्र में सड़क और रेल यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके कारण खासकर तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर के पास हुए भूस्खलन में 34 लोगों की जान चली गई थी, जिससे वहां के हालात और भी खराब हो गए हैं।

दिल्ली में यमुना का जलस्तर स्थिर, लेकिन खतरा बना हुआ है

दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर गुरुवार को पुराने रेलवे ब्रिज (RoB) के पास सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक 207.46 मीटर पर स्थिर रहा। अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर धीरे-धीरे कम होने की संभावना है, लेकिन आसपास के इलाके और राहत शिविरों में बाढ़ का पानी अभी भी मौजूद है। बाढ़ का पानी दिल्ली सचिवालय तक पहुंच गया, जहां मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों और प्रमुख अधिकारियों के दफ्तर हैं। कश्मीरी गेट के पास स्थित श्री मारघट वाले हनुमान बाबा मंदिर तक भी बाढ़ का पानी पहुँच चुका है। एक भक्त ने बताया, "हर साल जब यमुना का जलस्तर बढ़ता है, तो हम हनुमान जी की मूर्ति का पवित्र जल से स्नान करते हैं। इसे हम बहुत पूजनीय मानते हैं।"

दिल्लीवासियों के लिए समस्याएं बढ़ी

दिल्ली में लगातार बारिश और यमुना की बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है। राजस्व विभाग के अनुसार, 8,018 लोगों को टेंटों में और 2,030 लोगों को 13 स्थायी आश्रय स्थलों में शिफ्ट किया गया है।

पंजाब में दशकों की सबसे भयानक बाढ़

पंजाब इस समय दशकों की सबसे बड़ी बाढ़ आपदा का सामना कर रहा है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हो रही भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियां सहित अन्य मौसमी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इस बाढ़ ने अब तक 37 लोगों की जान ले ली है और 3.55 लाख से ज्यादा लोगों को प्रभावित किया है। अधिकारियों का कहना है कि 1.75 लाख हेक्टेयर से ज्यादा फसलें बर्बाद हो चुकी हैं।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री, शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को पंजाब के अमृतसर और गुरदासपुर जिलों में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और प्रभावित लोगों, खासकर किसानों से बातचीत की। पंजाब सरकार ने बाढ़ के हालात को देखते हुए सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की छुट्टियां 7 सितंबर तक बढ़ा दी हैं।

हरियाणा में आपात बैठक

हरियाणा के लोक स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग मंत्री, रणबीर गंगवा ने बुधवार को एक आपात बैठक बुलाई और अधिकारियों को राज्य में जल निकासी और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए।

यमुना जलस्तर अपडेट (4 सितंबर 2025, रात 10:00 बजे)

पुराना रेलवे ब्रिज (ओआरबी) पर जलस्तर: 207.40 मीटर

हथनी कुंड बैराज पर डिस्चार्ज: 1,31,730 क्यूसेक

वजीराबाद बैराज डिस्चार्ज: 1,84,970 क्यूसेक

ओखला बैराज डिस्चार्ज: 2,44,478 क्यूसेक

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