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भ्रष्टाचार आरोपों की दोषी IAS अफसर शशि कर्णावत को किया गया बर्खास्त

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Published on 12 Sep 2017 6:11 AM GMT

भ्रष्टाचार आरोपों की दोषी IAS अफसर शशि कर्णावत को किया गया बर्खास्त
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भोपाल: मंडला में आईएएस रहते हुए प्रिंटिंग स्कैम की दोषी एमपी कैडर 1999 बैच की ऑफिसर शशि कर्णावत को बर्खास्त कर दिया गया है। 1999-2000 में मंडला में जिला पंचायत CEO रहते हुए 33 लाख के प्रिंटिंग घोटाले के आरोप में EOW ने कर्णावत के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस बारे में सितंबर 2013 में मंडला की एक स्पेशल कोर्ट ने कर्णावत को 5 साल जेल और 50 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई थी।

जेल जाने के बाद अक्टूबर 2013 में सरकार ने उनका सस्पेंशन ऑर्डर जारी कर दिया था। तब से सस्पेंशन ऑर्डर बढ़ाया जा रहा था। इससे पहले MP कैडर के IAS ऑफिसर अरविंद जोशी और टीनू जोशी को भी करप्शन के चलते बर्खास्त किया जा चुका है।

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मंत्रालय सूत्रों की मानें तो करप्शन जैसे मामले में दोषी पाए जाने के कारण शशि कर्णावत को अक्टूबर 2014 में सेवा से हटाने संबंधी 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद कर्णावट ने इसका जवाब नहीं दिया। इसके बाद स्टेट गवर्मेंट ने उन्हें बर्खास्त करने संबंधी प्रपोजल सेंट्रल गवर्मेंट को भेजा था।

जिस पर संघ लोक सेवा आयोग ने सहमति जताई। प्रपोजल पर आयोग का मत आने के बाद ऑफिसर कर्णावत से दोबारा जवाब मांगा गया लेकिन वे गवर्मेंट के सवालों के सभी जवाब और तर्क ठीक से प्रस्तुत नहीं कर पाईं। डिपार्टमेंट ऑफ़ जनरल एडमिनिस्ट्रेशन के एक ऑफिसर ने बताया कि बर्खास्तगी ऑर्डर की प्रति कर्णावत पर तामील करा दी गई है।

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किया था अमित शाह को खाने पर इनवाइट

बता दें कि कुछ समय पहले डॉ. शशि कर्णावत ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर भोपाल प्रवास के दौरान अपने आवास पर भोजन के लिए आमंत्रित किया था।

डॉ. कर्णावत ने बताया था, “वर्तमान सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई मंत्री और अफसर उन्हें बेवजह परेशान करने पर आमादा है। मुझ पर कोई आरोप प्रमाणित नहीं हुए, कुछ लोग साजिश रचकर उन्हें परेशान कर रहे। उन्हें हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है और फिर निलंबन की अवधि बढ़ा दी जाती है।”

डॉ. कर्णावत ने बताया, “सरकार मेरे साथ निलंबन की अवधि में जीवन निर्वहन भत्ता देने के मामले में भी भेदभाव कर रही। पहले सिर्फ 50 फीसदी ही दिया जा रहा था, जब मैंने विरोध किया तब कहीं जाकर उसे बढ़ाकर 75 फीसदी किया गया।”

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डॉ. कर्णावत ने आगे कहा था, “अमित शाह वह व्यक्ति हैं, जो खुद कांग्रेस काल में षड्यंत्र का शिकार हुए, जेल जाना पड़ा। वह इस बात को ज्यादा बेहतर तरीके से जानते हैं कि षड्यंत्र रचकर किस तरह फंसाया जाता है। मेरे साथ भी वही हो रहा। इसलिए मैंने उन्हें पत्र लिखा है और संघ परिवार की सदस्य होने के नाते अपने घर पर भोज के लिए आमंत्रित किया।”

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