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फुल एक्शन मोड में NIA, एक साथ 5 राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी, अलकायदा गुजरात मामले में बड़ा एक्शन
Al-Qaeda Gujarat case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पांच राज्यों में अल-कायदा गुजरात आतंकी साजिश के तहत एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई में संदिग्धों के ठिकानों और डिजिटल सबूत जब्त किए गए, जिससे भारत में आतंकी गतिविधियों और घुसपैठ की गंभीरता सामने आई।
Al-Qaeda Gujarat case NIA Action: देश की सबसे बड़ी आतंकवाद विरोधी जांच एजेंसी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), ने बुधवार को एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए पाँच राज्यों में दस ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों से जुड़े अल कायदा गुजरात आतंकी साजिश मामले के सिलसिले में की गई है। NIA ने पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मेघालय, हरियाणा और गुजरात में विभिन्न संदिग्धों और उनके सहयोगियों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली। यह कार्रवाई देश में सक्रिय आतंकी नेटवर्क, उनके संबंधों और उनके वित्तीय चैनलों का पता लगाने के NIA के प्रयासों का हिस्सा है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर भारत में घुसपैठ कर चुके अल कायदा के स्लीपर सेल की खतरनाक मौजूदगी को उजागर कर दिया है, जो जाली दस्तावेजों के सहारे भारत में रहकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।
जब्त हुए डिजिटल सबूत और दस्तावेज
NIA ने दावा किया है कि इस बड़े पैमाने के तलाशी अभियान के दौरान कई महत्त्वपूर्ण डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इन जब्त की गई सामग्री को अब गहन फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है, ताकि इस आतंकी मॉड्यूल के पूरे नेटवर्क और भारत में उसके सहयोगियों की पहचान की जा सके। यह मामला मूल रूप से NIA द्वारा जून 2023 में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय दंड संहिता (IPC) और विदेशी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। इस मामले की जाँच तब शुरू हुई जब पता चला कि भारत में अवैध रूप से रह रहे कुछ बांग्लादेशी नागरिक अल कायदा जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े हुए हैं।
जाली दस्तावेजों के सहारे घुसपैठ
NIA की अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो चुका है कि इस साजिश में चार बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे, जो जाली भारतीय पहचान दस्तावेजों का उपयोग करके बांग्लादेश से भारत में अवैध रूप से घुस आए थे। इनकी पहचान- मोहम्मद सोजिबमियान, मुन्ना खालिद अंसारी उर्फ मुन्ना खान, अजरुल इस्लाम उर्फ जहाँगीर उर्फ आकाश खान, अब्दुल लतीफ उर्फ मोमिनुल अंसारी के रूप में हुई है।
NIA ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "ये लोग प्रतिबंधित अल-कायदा आतंकवादी संगठन से जुड़े पाए गए।" एजेंसी ने आगे बताया कि "ये लोग बांग्लादेश में अल-कायदा के गुर्गों के लिए धन इकट्ठा करने और उसे हस्तांतरित करने में शामिल थे, और मुस्लिम युवाओं को सक्रिय रूप से उकसाने में भी शामिल पाए गए।" ये खुलासे दर्शाते हैं कि यह मॉड्यूल न केवल घुसपैठ कर रहा था, बल्कि देश के अंदर आतंकी फंडिंग और युवाओं के कट्टरताकरण जैसे खतरनाक कामों में भी सक्रिय था।
पाँच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने इस मामले में अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए 10 नवंबर 2023 को अहमदाबाद स्थित NIA की विशेष अदालत में पाँच आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र (Chargesheet) भी दाखिल कर दिया था। NIA ने कहा है कि भारत और सीमा पार सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क की मौजूदगी, उनके संबंधों और उनके वित्तीय चैनलों का पता लगाने के प्रयासों के तहत इस मामले में उसकी जाँच अभी भी जारी है। पाँच राज्यों में की गई यह ताजा छापेमारी इसी जांच को आगे बढ़ाने और इस बड़े आतंकी नेटवर्क की सभी कड़ियों को जोड़ने का प्रयास है, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाले इन तत्वों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद किया जा सके।


