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राहुल गांधी ने फोड़ा चुनावी 'एटम बम'! वोट चोरी, फर्जी वोटर और ECI-BJP गठजोड़ का सबसे बड़ा खुलासा?
Rahul Gandhi voter fraud: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को एक बार फिर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बेंगलुरु की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर हुई कथित 'वोट धांधली' का जिक्र करते हुए आयोग को सीधी चुनौती दी है।
Rahul Gandhi on voter fraud: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को एक बार फिर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बेंगलुरु की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर हुई कथित 'वोट धांधली' का जिक्र करते हुए आयोग को सीधी चुनौती दी है। राहुल गांधी ने कहा कि अगर चुनाव आयोग की भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ कोई मिलीभगत नहीं है तो वह इस बात को साबित करके दिखाए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बार-बार मांगे जाने पर भी वोटरों का इलेक्ट्रॉनिक डेटा और सीसीटीवी फुटेज नहीं सौंप रहा है। उन्होंने कहा कि यह साफ तौर पर दिखाता है कि दाल में कुछ काला है। राहुल गांधी ने कहा कि वे पिछले 6 महीनों से इस मामले में सबूत इकट्ठा कर रहे थे और अब उनके पास पुख्ता सबूत मौजूद हैं।
क्या है 'वोट धांधली' का आरोप?
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में कई नाम और पते फर्जी पाए गए हैं। उन्होंने कुछ दस्तावेज़ों को दिखाते हुए दावा किया कि एक ही पते पर कई-कई लोगों के नाम दर्ज हैं। इतना ही नहीं हजारों मतदाताओं के पते भी फर्जी दर्ज थे। उन्होंने कहा कि यह कोई छोटी-मोटी बात नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वोटरों के नाम और पते ही फर्जी हैं तो फिर चुनाव कैसे निष्पक्ष हो सकता है?।
'एटम बम' का हुआ खुलासा
आपको याद होगा कि पिछले हफ्ते राहुल गांधी ने एक ट्वीट में कहा था कि उनके पास चुनाव आयोग के खिलाफ एक "एटम बम" है जिसे वो जल्द ही फोड़ेंगे। गुरुवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने उसी 'एटम बम' का खुलासा किया। उन्होंने जो सबूत पेश किए वह महादेवपुरा विधानसभा सीट की वोटर लिस्ट में हुई गड़बड़ियों से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 6 महीने की मेहनत के बाद ये सभी सबूत जुटाए हैं।
राहुल गांधी की चुनाव आयोग को चुनौती
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने राहुल गांधी से पूछा कि क्या कांग्रेस इस मामले को लेकर कोर्ट जाएगी तो उन्होंने कहा कि उनका मकसद देश के युवाओं को इसके प्रति आगाह करना है। उन्होंने कहा कि अब गेंद चुनाव आयोग के पाले में है। राहुल गांधी ने कहा "अगर चुनाव आयोग ने हमें अब भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग डेटा और सीसीटीवी फुटेज नहीं दिए तो वे इस अपराध का हिस्सा हैं। अगर वे इसका हिस्सा नहीं हैं तो उन्हें डेटा देना चाहिए। हम महाराष्ट्र चुनाव से ही उनसे ये आंकड़े मांग रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग को साबित करना होगा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे।
क्या होगा अगला कदम?
राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग पर टिकी हैं। क्या आयोग इस पर कोई सफाई देगा? क्या वह आरोपों को खारिज करेगा या फिर राहुल गांधी की मांग के अनुसार डेटा उपलब्ध कराएगा? यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला आगे क्या मोड़ लेता है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोल रही है वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।


