क्रिकेट जगत में भूचाल! 17000 करोड़ में बिकेगी RCB? सामने आई चौकाने वाली सच्चाई

RCB Sale: ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट ने इस खेल के व्यावसायिक गलियारों में हलचल मचा दी है, ब्रिटेन की दिग्गज शराब कंपनी डियाजियो पीएलसी अपनी आईपीएल फ्रेंचाइज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा या पूरी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है।

Harsh Srivastava
Published on: 10 Jun 2025 5:18 PM IST
क्रिकेट जगत में भूचाल! 17000 करोड़ में बिकेगी RCB? सामने आई चौकाने वाली सच्चाई
X

RCB Sale: भारत की क्रिकेट दुनिया, इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के नाम से जानी जाती है, जो सिर्फ एक खेल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि ग्लैमर, पैसा और अथाह जुनून का एक अनूठा संगम है। हर साल यह लीग करोड़ों दिलों की धड़कन बनती है, खिलाड़ियों को रातों-रात स्टार बनाती है, और फ्रेंचाइजियों को अरबों का राजस्व देती है। ऐसे में, जब आरसीबी (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) जैसी एक प्रतिष्ठित टीम, जिसने हाल ही में अपना पहला आईपीएल खिताब जीतकर इतिहास रचा है, के भविष्य को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आए, तो पूरे क्रिकेट जगत में भूचाल आना स्वाभाविक है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट ने इस खेल के व्यावसायिक गलियारों में हलचल मचा दी है, ब्रिटेन की दिग्गज शराब कंपनी डियाजियो पीएलसी अपनी आईपीएल फ्रेंचाइज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा या पूरी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। यह खबर न केवल आरसीबी के प्रशंसकों, बल्कि पूरी खेल उद्योग के लिए हैरान करने वाली है, क्योंकि यह ऐसे समय में आ रही है जब टीम सफलता के शिखर पर है। आखिर क्या वजह है कि एक दिग्गज कंपनी अपनी सबसे चमकती हुई संपत्ति को बेचने की तैयारी में है?

RCB की मालिकाना हक़ बदलने की तैयारी में डियाजियो?

डियाजियो पीएलसी, जो यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड की एक प्रमुख हिस्सेदार है, के पास आरसीबी में एक बड़ी पार्टनरशिप है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, कंपनी संभावित सलाहकारों के साथ शुरुआती चर्चा कर रही है, हालांकि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। यह संभावित सौदा, अगर पूरा होता है, तो आरसीबी की वैल्यू को 17,000 करोड़ रुपये, यानी 2 बिलियन डॉलर तक पहुंचा सकता है, जो इसे खेल जगत की सबसे महंगी संपत्तियों में से एक बना देगा। यह एक ऐसा कदम है, जो आईपीएल के वित्तीय परिदृश्य को पूरी तरह बदल सकता है। डियाजियो और यूनाइटेड स्पिरिट्स दोनों ने ही इस संभावित विनिवेश के बारे में कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है। यह खामोशी ही सबसे बड़ा सवाल है: क्यों एक मुनाफा कमाने वाली और हाल ही में सफल हुई टीम को बेचने पर विचार किया जा रहा है?

क्यों शुरू हुई यह चर्चा?

इस चर्चा के पीछे कई जटिल कारण हैं, जो सिर्फ व्यावसायिक नहीं, बल्कि नियामक और सामाजिक दबावों से भी जुड़े हैं। यह मुद्दा ऐसे समय में उठा है जब भारत का स्वास्थ्य मंत्रालय आईपीएल में तंबाकू और शराब ब्रांडों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रचार पर कड़ा प्रतिबंध लगाने पर जोर दे रहा है। इसके साथ ही, खेल हस्तियों द्वारा ऐसे "अनहेल्दी प्रोडक्ट्स" के अप्रत्यक्ष प्रचार को रोकने का भी दबाव है। भारत में शराब और तंबाकू उत्पादों का सीधा विज्ञापन प्रतिबंधित है, लेकिन डियाजियो जैसी कंपनियों ने इन नियमों से बचने के लिए "सरोगेट एडवरटाइजिंग" का सहारा लिया है। वे अपने शराब ब्रांडों के नाम पर सोडा या पानी जैसे उत्पादों का प्रचार करती हैं, जिसके लिए वे विराट कोहली जैसे शीर्ष क्रिकेटरों का उपयोग करती हैं।

आरसीबी का इतिहास भी इस चर्चा से जुड़ा है। यह आईपीएल की उन फाउंडर टीमों में से एक है, जिसे मूल रूप से शराब कारोबारी विजय माल्या ने खरीदा था। माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड 2012 में लेनदारों का भुगतान न कर पाने के कारण बंद हो गई थी। बाद में, डियाजियो ने माल्या के स्पिरिट्स व्यवसाय को खरीदने के बाद अंततः आरसीबी का अधिग्रहण कर लिया था। इस ऐतिहासिक जुड़ाव और वर्तमान नियामक दबाव को देखते हुए, डियाजियो के लिए अब आरसीबी को बनाए रखना एक चुनौती बन गया है, खासकर जब सरकार अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर भी नकेल कस रही है।

'पहली बार' आईपीएल विजेता और विराट कोहली का जादू

इस संभावित बिक्री का समय बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि आरसीबी ने हाल ही में पहली बार आईपीएल का खिताब जीता है। यह जीत टीम की ब्रांड वैल्यू और लोकप्रियता को आसमान पर ले गई है। टीम के सबसे बड़े स्टार विराट कोहली हैं, जिनके पास एक एथलीट के तौर पर दुनिया में सबसे बड़ी सोशल मीडिया फॉलोइंग है। कोहली की वैश्विक अपील आरसीबी की ब्रांड इक्विटी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आईपीएल का बढ़ता वैल्यूएशन और इसकी बढ़ती लोकप्रियता ने टीम के स्वामित्व को दुनिया के सबसे अधिक मांग वाली खेल संपत्तियों में से एक बना दिया है। यह संभावित बिक्री भविष्य की अन्य डील्स के लिए एक नया बेंचमार्क स्थापित कर सकती है, खासकर जब आईपीएल अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती खेल लीगों में से एक बन गया है। आईपीएल एक वैश्विक मनोरंजन और विज्ञापन दिग्गज के रूप में विकसित हुआ है, जो व्यावसायिक रूप से नेशनल फुटबॉल लीग (एनएफएल) और इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) जैसी बड़ी लीगों को टक्कर दे रहा है। इसके छोटे, तीन घंटे के मैच भारत और दुनिया भर में करोड़ों दर्शकों को आकर्षित करते हैं, जिससे इसका मीडिया और विज्ञापन मूल्य लगातार बढ़ रहा है।

डियाजियो की ग्लोबल रणनीति और 'पूंजी' की तलाश

डियाजियो का यह कदम केवल भारत के नियामक दबाव का परिणाम नहीं है, बल्कि इसकी व्यापक वैश्विक रणनीतिक चाल का भी हिस्सा हो सकता है। अमेरिका में, जो डियाजियो का सबसे बड़ा मार्केट है, टैरिफ और उपभोक्ता मंदी ने प्रीमियम शराब की बिक्री पर असर डाला है। ऐसे में, आरसीबी जैसी गैर-मुख्य संपत्ति का विनिवेश कंपनी को महत्वपूर्ण पूंजी प्रदान कर सकता है। यह पूंजी ऐसे समय में मिलेगी जब कंपनी अपने ऑपरेशन को और बेहतर करने और वैश्विक स्तर पर 'नॉन-कोर एसेट्स' का पुनर्मूल्यांकन कर रही है। डियाजियो शायद अपनी मुख्य शराब व्यवसाय पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहती है और उन क्षेत्रों से बाहर निकलना चाहती है जो या तो अत्यधिक विनियमित हैं या सीधे तौर पर उनके मुख्य व्यवसाय से संबंधित नहीं हैं। यह संभावित बिक्री आईपीएल और भारतीय खेल उद्योग के लिए एक नए युग की शुरुआत हो सकती है, जहाँ नियामक दबाव और वैश्विक वित्तीय रणनीतियाँ खेल टीमों के स्वामित्व और मूल्यांकन को नया आकार दे रही हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आरसीबी का नया मालिक कौन बनता है और यह सौदा आईपीएल के भविष्य को कैसे प्रभावित करता है।

1 / 9
Your Score0/ 9
Harsh Srivastava
ABOUT THE AUTHOR

Harsh Srivastava

Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

Next Story