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पिता की मौत के बाद चिल्लाती रही बेटी, बगल से निकल गए स्वास्थ्य मंत्री

कोरोना मरीज ने अस्पताल की दहलीज पर दम तोड़ दिया। कोरोना पीड़ित पवन गुप्ता को अस्पताल के डॉक्टर्स ने अटेंड ही नहीं किया।

Suman  Mishra | Astrologer

Suman  Mishra | AstrologerPublished By Suman Mishra | Astrologer

Published on 14 April 2021 7:16 AM GMT

अस्पताल का जायजा ले रहे थे स्वास्थ्य मंत्री, बाहर कोरोना मरीज ने तोड़ा दम
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कोरोना पेसेंट की मौत, रोती चिल्लाती बेटी की फोटो, सोशल मीडिया से

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रांची : पूरे देश में कोरोना (Corona ) का संकट भयावह हो गया है। कोरोना की दूसरी लहर ने देश के ज्यादातर राज्यों की स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। इससे झारखंड (Jharkhand) भी अछूता नहीं रहा है। यहां रांची से कोरोना का एक मामला आया है जिसमें बीते दिन एक कोरोना पीड़ित मरीज़ ने अस्पताल (Hospital) के सामने ही दम तोड़ दिया। ये घटना भी तब हुई जब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री( Health Minister) अस्पताल का निरीक्षण करने आए थे।

झारखंड के हजारीबाग (Hazaribagh) से राजधानी रांची ( Ranchi) में इलाज के लिए आए 60 साल के पवन गुप्ता नेसदर अस्पताल की दहलीज पर दम तोड़ दिया। कोरोना पीड़ित पवन गुप्ता को अस्पताल के डॉक्टर्स ने अटेंड ही नहीं किया। पीड़ित की बेटी और अन्य परिजन अस्पताल के बाहर गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने भी नहीं सुनी। उस वक्त राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता भी वहां पर मौजूद थे, लेकिन वो सामने से ही गुजर गए। ऐसे में मृतक की बेटी ने मंत्री को जमकर खरी-खोटी सुनाई और कहा कि नेताओं को सिर्फ वोट से मतलब है, क्या वो उनके पिता को वापस लौटा सकते हैं।

मंत्री ने कहा हालात सामान्य

बीते मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पीपीई किट पहनकर इसी अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे, दावा किया कि यहां हालात सामान्य हैं, लेकिन इस दावे के चंद मिनटों के बाद ही सारी पोल खुल गई। हजारीबाग से इलाज के लिए पवन गुप्ता को अस्पताल में जगह नहीं मिली। परिजन डॉक्टरों से अपील करते रहे, लेकिन कुछ ना हो सका।


कोरोना से मरीज की मौत, सोशल मीडिया से फोटो

लापरवाही बर्दाश्त नहीं

जब पूरी घटना हो गई, तब मंत्री ने बयान दिया कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और गलती करने वालों पर एक्शन लिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में झारखंड की जनता की सेहत की चिंता उन्हें हैं। इसलिए अपनी सेहत की परवाह किए बिना कोरोना मरीजों से मिलने वे सदर अस्पताल गए थे। भले ही मुझे फिर से कोरोना हो जाए, लेकिन मुझे इसकी तनिक परवाह नहीं है। मुझे राज्य की जनता के जानमाल की चिंता हैं। तभी उपचुनाव छोड़कर जनता की सेवा के लिए आया हूं।

बता दें कि सिर्फ रांची ही नहीं, बल्कि झारखंड के अन्य जिलों का भी ऐसा ही हाल है, यहां हर दिन कोरोना मरीज़ों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है और संकट बढ़ता जा रहा है। झारखंड क्या पूरे देश की स्वास्थ्य सुविधाएँ आज के समय धाराशायी है। युूपी, बिहार, बंगाल समेत पूरे देश में कोरोना से बदहाल हालात है। ऐसे में कोई कुछ नही कर पा रहा है। हर दिन केस बढ़ रहे है।

Suman  Mishra | Astrologer

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