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झारखंड: बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, नर्सिंग के क्षेत्र में लड़कियां बढ़ रहीं आगे

नर्सिंग में कुशल झारखण्ड की 111 बेटियां। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हाथों से नियुक्ति पत्र लेतीं हैं। मुख्यमंत्री के उदगार ‘वाह राज्य की बेटियों ने कमाल कर दिया’।

Monika
Updated on: 2021-04-08T16:39:01+05:30
झारखंड: बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, नर्सिंग के क्षेत्र में लड़कियां बढ़ रहीं आगे
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झारखंड में बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल। नर्सिंग के क्षेत्र में लड़कियां बढ़ रही आगे
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रांची: नर्सिंग में कुशल झारखण्ड की 111 बेटियां। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हाथों से नियुक्ति पत्र लेतीं हैं। मुख्यमंत्री के उदगार ‘वाह राज्य की बेटियों ने कमाल कर दिया’। इस हौसला अफजाई ने उनके चेहरे पर उत्साह और आत्म विश्वास का भाव भर दिया। बात सितम्बर 2020 की है। रांची के चान्हो प्रखंड के सिलगेन गांव की रहने वाली अंजलि कुमारी भी उन 111 नर्स में एक है।

अंजली कहती है कि, मुख्यमंत्री जी ने हौसला अफजाई कर मेरे अन्दर काम करने के भाव को दोगुना कर दिया। कुछ ऐसे ही भावों से प्रेरित होकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियां सफलता और स्वावलंबन के सपने गढ़ अपने जीवन में सुखद बदलाव ला रहीं है। इस बदलाव में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा शुरू किये गये प्रेझा फाउंडेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आज अंजली नर्स के रूप में अपोलो होम केयर अस्पताल में काम कर अपने परिवार का ख्याल रख रही है। इससे पहले चार सदस्यों वाला उसका परिवार अपने गांव में एक कमरे के घर में रहता था। जहां उसके पिता एक स्ट्रीट फूड के स्टॉल में काम कर मुश्किल से 60 रुपये प्रति दिन कमा पाते थे।

ऐसे आया अंजली के जीवन में बदलाव

अंजली और उसका परिवार अभावों में जीवन गुजार रहा था। अपने स्नातक के दौरान उसे चान्हो के नर्सिंग कॉलेज के बारे में पता चला। वह संबंधित प्रवेश परीक्षा में शामिल हुई और नर्सिंग पाठ्यक्रम में दाखिला लिया। प्रेझा फाउंडेशन की मदद से उसे कोर्स की फीस चुकाने के लिए झारखंड राज्य सहकारी बैंक से ऋण मिला। आज वह अपने लोन की ईएमआई चुकाने के साथ-साथ अपने परिवार की मदद भी कर रही हैं।

नर्सिंग

बेटियां को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए महिला सशक्तिकरण एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। इस क्षेत्र में प्रगति करने के लिए सरकार समाज के हाशिए पर स्थित कमजोर वर्गों की महिलाओं के लिए विशेष ध्यान देने के साथ राज्य भर में कौशल प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे की स्थापना कर रही है। इस विजन के साथ पैन आईआईटी और झारखंड सरकार के कल्याण विभाग संयुक्त रूप से कार्य कर रहा है। प्रेझा राज्य के विभिन्न जिलों में कौशल कॉलेजों की स्थापना कर रहा है। वर्तमान में राज्य भर में छह एएनएम नर्सिंग कॉलेज और एक मैन्युफ़ैक्चरिंग-कुलिनरी आईटीआई कॉलेज का संचालन किया जा रहा है। साथ ही लातेहार और जामताड़ा में 2020-21 के दौरान दो और एएनएम नर्सिंग कॉलेजों का उद्घाटन किया जाएगा।

नर्सिंग

प्लेसमेंट के बाद शिक्षा ऋण लौटाने का प्रबंध

औपचारिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में प्रवेश हासिल करने वाले छात्र भी शिक्षा ऋण का लाभ उठा सकते हैं। सरकार की मदद से इन छात्रों को बैंकों से ऋण की गारंटी मिलती है। प्रशिक्षण मॉड्यूल पूरा होने के बाद मान्यता प्राप्त नर्सों को देश भर में विभिन्न प्रतिष्ठित संगठनों में रखा जाता है। कौशल कॉलेज बाजार की मांग के अनुरूप भावी नर्सों को प्रशिक्षण देता है और शत प्रतिशत प्लेसमेंट सुनिश्चित करता है।

रिपोर्ट- शाहनवाज़

Monika

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