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झारखंड में मधुपुर उपचुनाव की बढ़ी हलचल, 17 अप्रैल को होगी वोटिंग

झारखंड में 17 अप्रैल को वोटिंग की तारीख निर्धारित की गई है। 23 मार्च से नामांकन का दौर शुरू हो जाएगा। मधुपुर सीट से यूपीए ने स्वर्गीय हाजी हुसैन अंसारी के सुपुत्र हफ़ीज़ुल हसन को उम्मीदवार बनाया है।

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Updated on: 2021-04-08T16:39:01+05:30
झारखंड में मधुपुर उपचुनाव की बढ़ी हलचल, 17 अप्रैल को होगी वोटिंग
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झारखंड में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद मधुपुर सीट खाली है। लिहाज़ा, यहां 17 अप्रैल को वोटिंग की तारीख निर्धारित की गई है।
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रांची। झारखंड में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद मधुपुर सीट खाली है। लिहाज़ा, यहां 17 अप्रैल को वोटिंग की तारीख निर्धारित की गई है। 23 मार्च से नामांकन का दौर शुरू हो जाएगा। मधुपुर सीट से यूपीए ने स्वर्गीय हाजी हुसैन अंसारी के सुपुत्र हफ़ीज़ुल हसन को उम्मीदवार बनाया है। यह सीट सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा की सीटिंग सीट है। लिहाज़ा, मधुपुर से झामुमो ने उम्मीदवार दिया है। गठबंधन दलों की ओर से उन्हे पूरा समर्थन प्राप्त है।

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इस बीच भाजपा ने 2019 के विधानसभा चुनाव में तीसरे नंबर पर रहे आजसू प्रत्याशी गंगा नारायण को पार्टी में शामिल कराकर उन्हे उम्मीदवार के तौर पर पेश किया है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।

दूसरे नंबर पर रहने वाले पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता राज पालीवार को टिकट नहीं देने का मन बनाया गया है। ऐसे में पार्टी ने सहयोगी दल आजसू के नेता को अपने खेमे में कर जीत का समीकरण बनाने की कोशिश की है।

वोटों का बिखराव रोकने की कोशिश.

भाजपा ने 2019 के विधानसभा चुनाव में मधुपुर से दूसरे नंबर पर रहने वाले पार्टी नेता राज पालीवार पर दांव नहीं खेलने का मन बनाया है। पार्टी को भरोसा है कि, तीसरे नंबर पर रहने वाले आजसू नेता गंगा नारायण पार्टी को जीत दिला सकते हैं। हालांकि, गंगा नारायण को बीजेपी में शामिल कराने को लेकर आजसू की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Jharkhand फोटो-सोशल मीडिया

ऐसे में साफ है कि, भाजपा को सहयोगी दल आजसू का भी समर्थन प्राप्त है। दूसरा महत्वपूर्ण तथ्य है कि, टिकट नहीं मिलने से नाराज़ राजपालीवार अगर मैदान में उतर जाते हैं तो भाजपा का खेल बिगाड़ सकते हैं।

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ऐसे में राज पालीवार को लेकर बीजेपी ने क्या रणनीति बनाई है यह देखने वाली बात होगी। एक बात तो साफ है कि, भाजपा सत्ताधारी दल के उम्मीदवार हफ़ीज़ुल हसन के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है।

भाजपा-झामुमो के बीच टक्कर.

आजसू नेता गंगा नारायण को भाजपा में शामिल कराकर बीजेपी ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। पार्टी किसी भी क़ीमत पर मधुपुर सीट जीतना चाहती है। इसके लिए खुद के पार्टी नेता राज पालीवार को दरकिनार करना पड़े तो पार्टी इससे भी पीछे नहीं हटी।

ऐसे में साफ है कि, मधुपुर उपचुनाव में सीधा मुकाबला सत्ताधारी पार्टी झामुमो के उम्मीदवार हफ़ीज़ुल हसन और प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा के उम्मीदवार गंगा नारायण के बीच होगी। लिहाज़ा, मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है।

खास बात ये है कि, हेमंत सोरेन के कार्यकाल में अबतक दो उपचुनाव हो चुके हैं। दुमका और बेरमो में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है। लिहाज़ा, तीसरे उप चुनाव में क्या होता है इसपर सबकी नज़र टिकी रहेगी।

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रांची से शाहनवाज़ की रिपोर्ट।

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