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Jewellery Designing: ज्वेलरी डिजाइनिंग के क्षेत्र में रोजगार के अवसर

Jewellery Designing: डिजाइनिंग के क्षेत्र में कई पाठ्यक्रम कहलाए जाते हैं जिसमे ज्वेलरी डिजाइनिंग भी प्रमुख है।

Sarojini Sriharsha
Updated on: 27 Jun 2022 4:23 AM GMT
jewellery designing
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ज्वेलरी डिजाइनिंग (फोटो: सोशल मीडिया ) 

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Jewellery Designing: हमारे देश में युगों युगों से आभूषणों का प्रयोग होता आ रहा है। प्राचीन काल में सिर्फ स्त्रियां ही नहीं बल्कि पुरुषों में भी आभूषण पहनने का प्रचलन था। आभूषणों की भारतीय परंपरा शताब्दियों पुरानी होने के कारण हमारे देश के चांदी , स्वर्ण आदि के आभूषण (jewellery designing) पूरे विश्व में पसंद किए जाते हैं और इनका निर्यात किया जाता है। हमारे देश की कलाकारी का आजतक कोई भी देश मुकाबला नहीं कर सका है।

डिजाइनिंग (jewellery designing) के क्षेत्र में कई पाठ्यक्रम कहलाए जाते हैं जिसमे ज्वेलरी डिजाइनिंग भी प्रमुख है। लोगों की स्वर्ण आभूषणों की तरफ बढ़ती मांग के कारण आभूषण डिजाइनिंग का पाठ्यक्रम काफी लोकप्रिय हो रहा है। आज नई नई मशीनों के आविष्कार हो जाने से पहले के हाथ से बने आभूषणों के बनाने का कार्य इन मशीनों से होने लगा है।इन मशीनों से बने आभूषणों को 'कॉस्ट्यूम आभूषण ' कहा जाता है। इनके उदाहरण हैं- ऐस्टेसल, किम्स ज्वैलरी इत्यादि। इसके अलावा कम कीमती धातु के एवं सुंदर आभूषण भी आजकल काफी प्रचलित हैं जिसे सेमी प्रेशियस आभूषण कहते हैं।इस प्रकार के आभूषणों में शंख, पत्थर, मोतियां, धातु के टुकड़ों, प्लास्टिक तार, सींग के कड़े आदि का प्रयोग किया जाता है। आर्ट कैरेट आदि के आभूषण के दामों की तुलना में थोड़े महंगे होते हैं परंतु स्वर्ण आभूषण की तुलना में सस्ते होते हैं।

इस पाठ्यक्रम को निम्नलिखित संस्थानों द्वारा किया जा सकता है

*नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन (निफ्ट) हौज खास, नई दिल्ली -110016

इस संस्थान द्वारा ज्वैलरी डिजाइन से संबंधित 3 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम जिसे एक्सेसरी डिजाइन कहा जाता है, किया जा सकता है।इसमें ज्वेलरी के अतिरिक्त पर्स, जूते, आदि चीजों को डिजाइन करना सिखाया जाता है।

* नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (नीड), पालड़ी, अहमदाबाद

*साउथ दिल्ली विमेंस पॉलिटेक्निक, लाजपत नगर, नई दिल्ली । यहां आभूषण डिजाइन का एक वर्षीय पाठ्यक्रम चलाया जाता है।

*ज्वेलरी डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट, नोएडा, यूपी। इस निजी संस्थान को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन (निफ्ट) एवं वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का सहयोग प्राप्त है। यहां डिप्लोमा, फाउंडेशन एवं करियर पाठ्यक्रम चलाया जाता है।

*ए पीजे इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, तुगलकाबाद एक्सटेंशन, नई दिल्ली

*एस एन डी टी वीमेन यूनिवर्सिटी, मुंबई

*जेम एंड ज्वेलरी, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, राजस्थान भवन, जयपुर

*ज्वैलरी प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर, नई दिल्ली -110055

*एकेडमी ऑफ फैशन स्टडीज, अलकनंदा, नई दिल्ली -110019

कैसे करें प्रवेश

अलग संस्थानों में ज्वेलरी डिजाइन के पाठ्यक्रमों में प्रवेश अलग तरह से होता है। निफ्ट एवं एनआईडी में प्रवेश लिखित परीक्षा के आधार पर होता है। इसमें मानसिक योग्यता परीक्षा, सृजनात्मक परीक्षा आदि शामिल है।इसके पश्चात उत्तीर्ण छात्रों को साक्षात्कार के पश्चात प्रवेश मिलता है। यहां से पाठ्यक्रम करने वाले छात्रों का भविष्य उज्ज्वल रहता है।

निजी संस्थाओं से पाठ्यक्रम कर नौकरी या व्यवसाय को अपनाया जा सकता है। यहां पाठ्यक्रम की अवधि भी कम होती है। इन सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश योग्यता 12 वीं पास है तथा आयु की कोई सीमा नहीं है। यह पाठ्यक्रम अवधि विभिन्न संस्थानों में अलग अलग है। यह अवधि 4 माह से लेकर 4 वर्ष तक की होती है।

पाठ्यक्रम: इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को सोने, चंदिया अन्य कीमती धातुओं के आभूषणों के डिजाइन तैयार करना सिखाया जाता है और मुख्य रूप से कला को निखारने पर जोर दिया जाता है। विभिन्न धातुओं, आभूषणों, मोती, पन्ना, मूंगा, नीलम आदि की पहचान कर उन्हें तराशना एवं धातुओं में लगाने का काम भी सिखाया जाता है। इस पाठ्यक्रम में लेक्चर के अलावा क्राफ्ट डॉक्यूमेंटेशन एवं प्रोजेक्ट असाइनमेंट द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है।

निफ्ट जैसे संस्थान में पाठ्यक्रमके अंतिम छः महीने में छात्रों को इंटर्नशिप कराई जाती है जिसमें किसी आभूषण निर्माता के साथ व्यवहारिक ज्ञान दिया जाता है। पाठ्यक्रम समाप्ति पर छात्रों द्वारा निर्मित व डिजाइन किए आभूषणों की बड़े आभूषणों की बड़े आभूषण निर्माता के सहयोग से प्रदर्शनी भी लगवाई जाती है ताकि आगे बढ़कर छात्र अपनी योग्यता दिखाने का पूरा अवसर प्राप्त कर सकें।

पाठ्यक्रम के समाप्ति के बाद छात्र चाहे तो किसी आभूषक निर्यातक कंपनी में नौकरी कर सकता है। भारत में अनेक कॉस्ट्यूम ज्वेलरी एक्सपोर्ट कंपनियां हैं। यदि छात्र किसी प्रतिष्ठित संस्थान से कोर्स पूरा करता है तो अच्छा वेतन पा सकता है।

आज सोने के आभूषणों की लोकप्रियता को देखते हुए कुछ बड़ी कंपनियों के अपने ब्रांड की मोहर लगाकर आभूषण बेचना प्रारंभ किया है। ये ब्रांड डिजाइनर आभूषण बनाकर लोकप्रिय हो रहे हैं। इस प्रकार इस पाठ्यक्रम का अंदाजा आप स्वयं लगाकर अपना करियर उज्ज्वल एवं आकर्षित बना सकते हैं।

Monika

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