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मस्जिदों में लाउडस्पीकर बैन: अब कर्नाटक में उठी ये मांग, वरिष्ठ मंत्री का भी समर्थन

Karnataka News: कर्नाटक में मस्जिदों में लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लगाने की मांग की।

Anshuman Tiwari
Updated on: 5 April 2022 4:34 AM GMT
loudspeakers in mosques
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मस्जिद से हटाए गए लाउडस्पीकर (फोटो-सोशल मीडिया)

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Karnataka News: हिजाब के बाद अब कर्नाटक में मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर होने वाली अजान का मुद्दा गरमा गया है। राज्य के कई संगठनों ने मस्जिदों में होने वाले लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लगाने की मांग की है। मजे की बात यह है कि राज्य के वरिष्ठ मंत्री के एस ईश्वरप्पा ने भी इस मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि मस्जिदों में होने वाले लाउडस्पीकर के उपयोग से छात्रों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि हमें छात्रों और मरीजों के हितों का ध्यान रखना होगा और इसके लिए मुस्लिम समुदाय को विश्वास में लेकर इस समस्या का समाधान खोजना होगा। कर्नाटक से पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे भी यह मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने धमकी दी है कि यदि मस्जिदों में अजान के लिए लाउडस्पीकर के उपयोग को बंद नहीं किया गया तो वे लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू करवा देंगे।

लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक की मांग

कर्नाटक में श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुथालिक ने एक वीडियो संदेश जारी करके मस्जिदों में लाउडस्पीकर के उपयोग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में राज्य मैं परीक्षाएं चल रही हैं।

दसवीं की परीक्षा देने वाले छात्रों की काफी ज्यादा संख्या है और इन छात्रों को मस्जिदों में बजने वाले लाउडस्पीकर से पढ़ाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए इस पर रोक लगाने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।

मंत्री ने किया मांग का समर्थन

राज्य के वरिष्ठ मंत्री के एस ईश्वरप्पा ने भी इस मांग का समर्थन किया है। हालांकि उन्होंने इसके साथ ही यह भी कहा है कि अजान के खिलाफ हनुमान चालीसा का पाठ करके समस्या नहीं सुलझाई जा सकती। ऐसा कदम उठाने पर दोनों समुदायों के बीच टकराव का माहौल बनेगा। उन्होंने कहा कि समझदारी इसी में है कि मुस्लिम नेता इस समस्या का समाधान करने के लिए आगे आएं।

मुस्लिम नेताओं को यह बात सुनिश्चित करनी चाहिए कि लाउडस्पीकर मस्जिदों तक ही सीमित रहें और इसकी आवाज से पासपड़ोस में रहने वाले छात्रों और अन्य लोगों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय को विश्वास में लेकर ही इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय की ओर से लंबे समय से मस्जिदों में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जा रहा है और यह सच्चाई है कि इससे पढ़ने वाले छात्रों और अन्य लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।

मुस्लिम नेता खुद पहल करें

कर्नाटक के मंत्री ने कहा कि यदि मंदिरों और चर्चों में भी इसी तरह लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जाने लगे तो निश्चित रूप से समस्या काफी ज्यादा बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि मैं अजान के विरोध में हनुमान चालीसा के पाठ का समर्थन नहीं करता।

इस समस्या को सुलझाने के लिए बेहतर कदम यही होगा कि मुस्लिम नेता खुद इस बाबत सोचें और मस्जिदों में धीमी आवाज वाले लाउडस्पीकर का ही इस्तेमाल किया जाए। मुस्लिम समुदाय को दूसरे वर्गों को हो रही समस्या पर भी गौर फरमाना होगा।

कांग्रेस का भाजपा पर बड़ा आरोप

इस बीच कांग्रेस ने भाजपा पर सियासी फायदे के लिए धार्मिक मुद्दों को उछालने का बड़ा आरोप लगाया है। राज्य के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बी रामनाथ राय ने अपने बयान में कहा कि कर्नाटक के दक्षिणी इलाके को भाजपा राजनीतिक फायदा उठाने के लिए प्रयोगशाला बना रही है। प्रशासनिक नाकामियों को छिपाने के लिए राज्य में ध्रुवीकरण का खेल खेला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मंदिरों के जरिए एक खास वर्ग का समर्थन हासिल करने की कोशिश की जा रही है। हिजाब के विवाद के बाद मंदिरों के आसपास व्यापार करने वाले गैर हिंदुओं पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के इस खेल से राज्य में सांप्रदायिक टकराव बढ़ रहा है। इसलिए वोटों के खेल की यह सियासत तत्काल बंद की जानी चाहिए। जानकारों का कहना है कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर का मुद्दा लगातार गरमाता जा रहा है और आने वाले दिनों में इसे लेकर राज्य की सियासत और गरमाएगी।

Ragini Sinha

Ragini Sinha

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