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Bhagirathi Amma Passes Away: अम्मा ने 105 साल में पास की चौथी क्लास
भागीरथी अम्मा का 107 साल की उम्र में आज निधन हो गया। 105 साल में 4थी क्लास पास की...
भागीरथी अम्मा का 107 साल की उम्र में निधन (social media)
Bhagirathi Amma Passes Away: पाराकुलम की रहने वाली भागीरथी अम्मा का 107 साल की उम्र में आज निधन हो गया। वह पिछले एक महीने से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं।उन्होंने कोल्लम जिले के प्रक्कुलम स्थित अपने आवास पर रात 1.55 बजे अंतिम सांस ली।
105 साल की आयु में चौथी क्लास पास की
भागीरथी अम्मा ने 105 साल की आयु में चौथी कक्षा पास करके सबसे अधिक उम्र की स्टूडेंट होने का रिकॉर्ड बनाया था। साक्षरता मिशन के निदेशक पीएस श्रीकला ने उनके बारे में कहा था, भागीरथी अम्मा केरल साक्षरता मिशन के अब तक के इतिहास में सबसे बुजुर्ग 'समकक्ष शिक्षा हासिल करने वाली' व्यक्ति बन गई हैं।
गणित में पूरे 100 फीसदी नंबर
केरल साक्षरता मिशन द्वारा आयोजित परीक्षा में भगीरथी अम्मा ने 74.4 फीसदी नंबरों के साथ परीक्षा पास की, जिसमें उन्होंने गणित में पूरे 100 फीसदी नंबर पाएं। वह 7वीं कक्षा की समकक्ष परीक्षा में शामिल होने की तैयारी कर रही थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मन की बात कार्यक्रम में उनकी उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी थी।
बचपन से ही पढ़ने का शौक था
भागीरथी अम्मा बचपन से ही पढ़ाई का शौक रखती थीं, लेकिन कम उम्र में मां के गुजर जाने के बाद उनपर भाई-बहनों की देखरेख की जिम्मेदारी आ गई थी। 30 वर्ष की आयु में पति के गुजरने के बाद पढ़ाई का विचार और मुश्किल हो गया। मगर उन्होंने हार नहीं मानी और 105 वर्ष की आयु में चौथी क्लास पास की।
उन्हें विधवा या वृद्धा पेंशन नहीं मिला
भागीरथी की शिकायत है कि उन्हें विधवा या वृद्धा पेंशन नहीं मिलती। उनके पास आधार कार्ड भी नहीं है। अब उन्हें उम्मीद है कि कुछ सुविधा मिलेगी। साक्षरता मिशन के वसंत कुमार ने एजेंसी को बताया कि अम्मा को लिखने में दिक्कत होती है इसलिए उन्होंने मलयालम, गणित और पार्यावरण विषय की परीक्षा तीन दिन में दी।
पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण नहीं पढ़ सकीं
भागीरथी अम्मा की चार बेटियां और दो बेटे हैं। उनके बच्चों में से एक की और 16 पोते-पोतियों में से तीन की मौत हो चुकी है। भागीरथी के पति की मौत 70 साल पहले हो चुकी है। वे हमेशा से पढ़ना चाहती थीं मगर पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण ऐसा नहीं कर सकीं।