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आमिर की ख्वाहिश पर लगा ग्रहण, मां को नहीं दे पाएंगे ख्वाजा मंजिल

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NewstrackBy Newstrack

Published on 15 March 2016 6:13 AM GMT

आमिर की ख्वाहिश पर लगा ग्रहण, मां को नहीं दे पाएंगे ख्वाजा मंजिल
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वाराणसी: बॉलीवुड में मिस्‍टर पर्फेक्शनिस्ट कहे जाने वाले आमिर खान ने अपने 51वें बर्थ डे पर मां के लिए उनके बचपन का पुश्तैनी मकान ख्वाजा मंजिल गिफ्ट करने की ख्वाहिश जाहिर की थी। लेकिन, अब उनका ये सपना शायद पूरा नहीं हो पाएगा, क्योंकि इस मकान को वर्तमान मालिक बद्री नारायण गुप्ता बेचना नहीं चाहते हैं। हालांकि पड़ोसियों की माने तो ये मकान कई भाईयों के बीच विवाद में काफी दिनों से पड़ा हुआ है। पिछले 20 सालों में ये दो मंजिला मकान धीरे-धीरे खंडहर हो गया है। इसी विवाद के चलते मकान की आज तक मरम्मत नहीं हो सकी है।

कहां है मकान ?

-आमिर के ननिहाल का ये पुस्तैनी मकान काशी के आदमपुर थाना क्षेत्र के चौहट्टा लाल खां और भारद्वाजी टोला प्रहलादघाट के बीच में स्थित है।

-1947 के बंटवारे के बाद उनके परिवार ने इसे छोड़ दिया था।

-जिसे बाद में नीलाम कर दिया गया।

-जिसे पूर्व सभासद बद्रीनारायण के परिजनों ने खरीद लिया था।

-यह मकान अब पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुका है।

खंडहर में तब्दील हो चुका आमिर खान की मां का पुश्तैनी मकान खंडहर में तब्दील हो चुका आमिर खान की मां का पुश्तैनी मकान

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दस साल पहले रहते थे किराएदार

-दो मंजिला बने इस मकान में कई किराएदार 10 साल पहले तक रहते थे।

-लेकिन, मकान मालिकों के विवाद और किराएदारों से पीछा छुड़ाने के लिए मकान की मरम्मत नहीं कराई गई।

-जिसके चलते मकान धीरे-धीरे ढहता चला गया और अब ये पूरी तरह से खंडहर हो चुका है।

-आलम ये है कि इस मकान के मलबे के कारण गली से लोगों को गुजरने में भी परेशानी होती है।

-पड़ोसी कई बार इसकी शिकायत थाने में कर चुके हैं।

ख्वाजा मंजिल के मालिक बद्रीनारायण ख्वाजा मंजिल के मालिक बद्रीनारायण

नीलामी में गुप्ता परिवार ने खरीदा मकान

-बताते हैं कि 1947 में बंटवारे के बाद इस मकान को भारद्वाजी टोला के राजाराम गुप्ता और चौथीराम गुप्ता ने नीलामी में खरीदा था।

-दोनो भाइयों के सात बेटों में इस संपत्ति का बंटवारा हुआ था।

-बंटवारे के बाद कई भाई इस ख्वाजा मंजिल में काफी समय तक रहे।

-लेकिन, बाद में सभी ने नया मकान ले लिया और वहां शिफ्ट हो गए।

-इस पुराने मकान में किराएदारों को बसा दिया गया।

-मकान के कुछ हिस्से पर बद्रीनारायण गुप्ता और कुछ हिस्से पर दूसरे भाईयों का कब्जा है।

-फिलहाल बद्री नरायण इस मकान को बेचने से इनकार कर रहे हैं।

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