टैक्स चोरी की तो खैर नहीं, पैन होगा ब्लॉक, बैंक से भी नहीं मिलेगा लोन

Published by Published: June 21, 2016 | 6:14 pm
Modified: August 10, 2016 | 4:01 am

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली: टैक्स चोरी करने वालों पर आयकर विभाग की नजर हमेशा ही टेढ़ी रही है। इस समस्या से निपटने के लिए आयकर विभाग सख्ती से निपटने की तैयारी कर रहा है। जानबूझकर टैक्स ना चुकाने वालों वालों की बढ़ती संख्या से परेशान आयकर विभाग ने अधिकारियों से कहा, ‘वे ऐसे आरोपियों की गिरफ्तारी करें या फिर जब्त संपत्ति की नीलामी जैसे दुर्लभ प्रावधानों को अपनाने में झिझकें नहीं।’

हर साल बढ़ा ऐसे लोगों का आंकड़ा
-गौरतलब है कि साल 2015 में ऐसे लोगों की संख्या बढ़कर 58.95 लाख हो गई।
-2014 में रिटर्न न भरने वालों की संख्या 22.09 लाख थी।
-वहीं साल 2013 में ऐसे लोगों की संख्या 12.19 लाख के करीब थी।

टैक्स चोरों का पैन होगा ब्लॉक
-आयकर विभाग की रणनीति के मुताबिक विभाग के अफसर टैक्स चोरों के पैन ब्लॉक करा देंगे।
-ताकि ऐसे लोगों को बैंक से किसी तरह का लोन नहीं मिल पाएगा।
-यही नहीं, ऐसे पैन की डिटेल रजिस्ट्रार ऑफ प्रॉपर्टीज को भेज दी जाएगी।
-इससे टैक्स चोर कोई अचल संपत्ति नहीं खरीद सकेंगे।

सब्सिडी से वंचित होंगे डिफॉल्टर
-वित्त मंत्रालय को ऐसे डिफॉल्टरों की एलपीजी सब्सिडी जैसी सुविधाएं छीन लिए जाने को कहा जाएगा, जिसका पैसा सीधे बैंक अकाउंट में जाता है।
-ऐसे डिफॉल्टरों की सूचना देशभर के आयकर दफ्तरों में भेज दी जाएगी।

कितनी हो सकती है सजा ?
-यदि कोई व्यक्ति आयकर रिटर्न नहीं भरता है तो उसके खिलाफ 271एफ के तहत 1,000 रुपए से 5,000 रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
-आयकर कानून की धारा 276 सीसी के तहत ऐसा न करने वालों के लिए तीन महीने से लेकर सात साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

हाल में ही हुआ था सम्मलेन 

हाल ही में हुए कर अधिकारियों के सम्मेलन में साल 2016-17 की आयकर विभाग की केंद्रीय कार्ययोजना में कहा गया, कि कर का दायरा बढ़ाने के लिए संभावित कर उत्तरदायित्व वाले रिटर्न न भरने वाले चिह्नित लोगों से नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।

-आयकर विभाग ने संभावित कर उत्तरदायित्व और रिटर्न न भरने वालों पर पहल को प्राथमिकता प्रदान करने की प्रायोगिक योजना के तौर इनकी निगरानी के लिए एनएमएस (रिटर्न न भरने वालों के लिए निगरानी प्रणाली) लागू की है।
-इसमें कहा गया, कि उचित मामलों में धारा 271एफ (आयकर रिटर्न न भरने के लिए जुर्माना) और 276 सीसी (आयकर रिटर्न न भरने वालों पर मुकदमा) के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।