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एटा जेल में है 'राम वृक्ष यादव', लेकिन इसने नहीं किया कोई अपराध

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Published on 10 Jun 2016 12:04 PM GMT

एटा जेल में है राम वृक्ष यादव, लेकिन इसने नहीं किया कोई अपराध
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एटा: जवाहर बाग कांड का मुख्य आरोपी एटा जेल में आ चुका है। जी हां, चौंकिए मत। एटा जेल में जवाहर बाग कांड के दौरान गिरफ्तार एक महिला ने एक लड़के को जन्म दिया है। महिला का कहना है, मैं अपने इस नवजात का नाम 'राम वृक्ष यादव' रखूंगी क्योंकि मैं बहुत दिनों तक जवाहर बाग में रही हूं।

जवाहर बाग बंदियों में 'राम वृक्ष' की मां

मथुरा के जवाहर बाग कांड के बाद कुछ महिलाओं को गिरफ्तार भी किया गया था। इनमें से एक है बरेली के दौलतपुर करीना गांव की धर्मवती (32 साल)। एटा जेल में बंद धर्मवती को 8 जून को मथुरा से एटा जेल लाया गया था। धर्मवती के साथ मथुरा जेल से 96 महिलाएं और 73 बच्चों को भी एटा जेल लाया गया। ये सभी जवाहर बाग कांड में 151 और 107/16 की धाराओं में आरोपी बनाए गए हैं।

एटा जेल में लाए जाने के दूसरे दिन ही धर्मवती को प्रसव पीड़ा हुई। एटा के महिला अस्पताल में भर्ती धर्मवती ने एक लड़के को जन्म दिया।

महिला कैदी धर्मवती महिला कैदी धर्मवती

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'राम वृक्ष' की मां ने दिए चौंकाने वाले जवाब

जब धर्मवती से बात की गई तो इसने चौंकाने वाली बात कही। उसने कहा, वो अपने इस नवजात का नाम मथुरा के जवाहर बाग कांड के मुख्य आरोपी राम वृक्ष यादव के नाम पर रखना चाहती है। जब उससे पूंछा गया कि आप अपने बेटे का नाम राम वृक्ष यादव ही क्यों रखना चाहती हैं तो उसने कहा, हम बहुत दिनों तक जवाहर बाग में रहे हैं इसलिए अपने इस बेटे का नाम 'राम वृक्ष यादव' रखना चाहती हूं।

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कौन था रामवृक्ष यादव ?

-रामवृक्ष गाजीपुर के मरदह ब्लॉक के रायपुर ‘बाघपुर’ गांव का रहने वाला था।

-इमरजेंसी के दौरान 1975 में जेल में बंद भी रहा था।

-रामवृक्ष यादव को लोकतंत्र रक्षक सेनानी (मीसा) के बंदी होने के चलते सपा सरकार की ओर से 15000 रुपए महीना पेंशन दिया जाता था।

-वह दो वर्ष पहले अपने परिवार को गाजीपुर से मथुरा लेकर चला गया था।

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-हाई स्कूल और इंटर पीएन इंटर काॅलेज मरदह गाजीपुर, ग्रेजुएशन डीसीएसकेपीजी कॉलेज मऊ से।

-रामवृ्क्ष यादव 1984 में निर्दलीय लोकसभा का चुनाव लड़ा और हार गया उसे 3234 वोट मिले थे।

-दूरदर्शी पार्टी से गाजीपुर के जहूराबाद से विधानसभा का चुनाव लड़ा और हार गया था।

-बाद में ख़ुद का राजनैतिक संगठन बना लिया जिसका नाम “स्वाधीन भारत” रखा था।

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