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जेसिका लाल, प्रियदर्शिनी मट्टू और नैना साहनी के हत्यारों की जल्द रिहाई की याचिका खारिज

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 4 Oct 2018 2:52 PM GMT

जेसिका लाल, प्रियदर्शिनी मट्टू और नैना साहनी के हत्यारों की जल्द रिहाई की याचिका खारिज
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नई दिल्‍ली: तीन कुख्यात मामलों में सजा झेल रहे मनु शर्मा, संतोष सिंह और सुशील शर्मा को जेल से रिहा नहीं किया जाएगा। इन तीनों की सजा की समीक्षा के लिए गठित बोर्ड ने रिहाई के खिलाफ आदेश दिया है। इस बोर्ड में दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन, गृह सचिव, डीजी जेल, लॉ सेक्रेटरी, ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम), डिस्ट्रिक जज के अलावा सरकार की तरफ से नियुक्त किए गए चीफ प्रोबेशन ऑफिसर भी शामिल थे।

जिन तीन अपराधियों की रिहाई पर विचार किया जाना था, उनमें मनु शर्मा ने जेसिका लाल की हत्या की थी, संतोष सिंह ने प्रियदर्शिनी मट्टू और सुशील शर्मा ने नैना साहनी की हत्या की थी।

मनु शर्मा ने 1999 में जेसिका की करी थी हत्‍या

1999 में साउथ दिल्ली के एक बार में मनु शर्मा ने मॉडल जेसिका लाल की गोली मारकर की हत्या कर दी थी। मनु शर्मा हरियाणा के दिग्गज नेता विनोद शर्मा का बेटा है। कई गवाहों के पलट जाने की वजह से निचली अदालत से मनु शर्मा को बरी कर दिया गया था लेकिन बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई और सुप्रीम कोर्ट ने भी उस सजा को बरकरार रखा था।

संतोष सिंह ने डीयू की स्‍टूडेंट का किया था मर्डर

दिल्ली यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई कर रही प्रियदर्शिनी मट्टू की हत्या 1996 में कर दी गई थी। इस मामले में संतोष सिंह का नाम सामने आया था। संतोष भी साक्ष्यों के अभाव में निचली अदालत से बरी हो गया था लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इसे आजीवन कारावास में बदल दिया था।

सुशील शर्मा ने पत्‍नी के टुकड़े कर तंदूर में फेंके थे

सुशील शर्मा ने अपनी पत्नी नैना साहनी की हत्या 1995 में की थी। बाद में उसने शव के टुकड़े-टुकड़े कर के उसे तंदूर में डाल दिया था। 2000 में ट्रायल कोर्ट से सुशील को फांसी की सजा दी गई थी जिसे हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस आजीवन कारावास में बदल दिया।

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