Top

UPA GOVT में ASG रहीं इंदिरा जयसिंह के NGO पर कार्रवाई,लाइसेंस सस्पेंड

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 1 Jun 2016 7:49 PM GMT

UPA GOVT में ASG रहीं इंदिरा जयसिंह के NGO पर कार्रवाई,लाइसेंस सस्पेंड
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

नई दिल्लीः यूपीए सरकार के दौरान एडिशनल सॉलीसिटर जनरल रहीं मशहूर वकील इंदिरा जयसिंह के एनजीओ लॉयर्स कलेक्टिव का लाइसेंस केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है। एनजीओ पर विदेशी मुद्रा नियमन कानून (एफसीआरए) के उल्लंघन का आरोप है। इंदिरा ने इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया है।

क्या है एनजीओ पर आरोप?

-गृह मंत्रालय के मुताबिक एनजीओ ने विदेश से मिले धन का गलत इस्तेमाल किया।

-राजनीतिक इरादे से धरने और प्रदर्शनों पर धन का इस्तेमाल किया, जो एफसीआरए का उल्लंघन है।

-इंदिरा जुलाई 2009 से 5 मई 2014 तक एडिशनल सॉलीसिटर जनरल थीं।

-इस दौरान एनजीओ से इंदिरा को 81 लाख से ज्यादा रकम दी गई। केंद्र ने उन्हें 96 लाख से ज्यादा दिए।

-गृह मंत्रालय ने पूछा है कि इंदिरा को आखिर एनजीओ ने उस दौरान रकम क्यों दी थी।

क्या कहना है एनजीओ और इंदिरा का?

-एनजीओ ने कहा कि इंदिरा जयसिंह को 2009 में रकम दी गई थी।

-उस दौरान एफसीआरए लागू न होने की दलील दी गई है।

-इंदिरा जयसिंह ने इसे बदले की भावना से कार्रवाई करार दिया है।

-वह इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा सकती हैं।

-एनजीओ की ओर से पहले मिले जवाब को केंद्र सरकार ने मानने से इनकार कर दिया है।

Rishi

Rishi

आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

Next Story