विचार कुंभ में बोले मोदी- ये 51 बिंदु बरसाएंगे समाज पर नया अमृत

Published by suman Published: May 14, 2016 | 11:26 am
Modified: August 10, 2016 | 3:59 am

उज्जैन: पीएम मोदी ने विचार महाकुंभ में समाज और दुनिया को नया संदेश दिया। उन्होंने कहा,” भागदौड़ में अब कोई कुंभ में 30 दिन नहीं बिताता है। सिर्फ 15 मिनट में डुबकी लगाकर पुण्य कमाकर चले जाते हैं। अब सिर्फ लोग पुरानी परंपरा को बोझ की तरह निभा रहे हैं, लेकिन यह वैचारिक महाकुंभ समाज के लिए एक नई शुरुआत है। काफी विचार-विमर्श के बाद इस कुंभ में समाज की दिशा तय करने वाले 51 अमृत बिंदु सामने रखे गए हैं।”

श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना समेत पांच देशों के प्रतिनिधि चीफ गेस्ट के तौर पर इस प्रोग्राम में शामिल हुए। इस वैचारिक महाकुंभ की शुरुआत गुरुवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने की थी।

वैचारिक महाकुंभ में क्या बोले मोदी ?
-मैं सबसे पहले यहां उपस्थित सभी संतों को प्रणाम करता हूं।
-आज के इस पवित्र अवसर पर विशेष रूप से श्रीलंका से आए महामहिम राष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्षा आदरणीय सुमित्रा ताई जी और मध्य प्रदेश के अतिलोकप्रिय सीएम शिवराज सिंह चौहान को बधाई देता हूं।
-हम लोगों का एक स्वभाव दोष रहा है समाज के नाते कि हम अपने आप को हमेशा परिस्थितियों को परे समझते हैं।
-हम उन सिद्धातों में पले-बड़े हैं, जहां शरीर तो आता और जाता है, लेकिन आत्मा के अमरत्व के साथ हम जुड़े हुए लोग हैं।
-इसके कारण हमारी आत्मा की सोच न हमें काल से बंधने देती है और न काल का गुलाम बनने देती है।
-इसकी वजह से एक ऐसी स्थिति पैदा हुई कि हजारों साल पुरानी परंपराएं किस काल के गर्भ पैदा हुई, किस विचार ने इनका बीज बोया यह सब कहीं खो गया।
-कुंभ में आने से इन सबका पता चलता है। कुंभ एक अद्भुत सामाजिक रचना है।
-कुंभ में समाज की दिशा तय की जाती है। देश के अलग-अलग जगहों से यहां लोग आते हैं।

अच्छे काम के लिए गेरुआ वस्त्र जरूरी नहीं
-समाज के लिए अच्छा काम करने के लिए गेरुआ वस्त्र पहनने की जरूरत नहीं है।
-समाज के लिए कुछ अच्छा करना है तो मन में त्याग की भावना होनी चाहिए।
-हम वो लोग हैं, जहां हमारी हर छोटी-छोटी चीज समझने जैसी है।
-पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने देश से आह्वान किया था कि हफ्ते में एक दिन शाम का खाना छोड़ दीजिए, क्योंकि देश को खाने की जरूरत है।
-लोगों ने तुरंत इसे अमल में लाते हुए शाम का खाना छोड़ दिया था।
-कुछ पी़ढ़ियां उस वक्त की जो आज भी जिंदा है, वो अब भी उनकी बात मानते हुए शाम का खाना नहीं खाती हैं।

एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने छोड़ी सब्सिडी
-मैंने भी लोगों से सिर्फ इतना ही कहा था अगर आप संपन्न है तो रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ दीजिए।
-एक करोड़ से ज्यादा परिवारों ने देश के गरीब लोगों के लिए गैस सब्सिडी छोड़ दी।
-5 करोड़ परिवारों को जब गैस सिलेंडर मिलेगा तो इसका सीधा असर जंगलों और वातावरण पर भी पड़ेगा।
-इस कुंभ के साथ हम अपनी विचार यात्रा को आगे बढ़ाएंगे।

पीएम 3000 लोगों के सामने रख रहे हैं विचार
-कई संप्रदायों के गुरु, संत, विचारक सहित बीजेपी शासित राज्यों के सीएम भी कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं।
-तीन दिन से चल रहे विचार मंथन का सार करीब 3000 लोगों के सामने पीएम मोदी पेश कर रहे हैं।

समापन कार्यक्रम में कई अहम सुझाव
-इसमें श्रीलंका में नेता प्रतिपक्ष सम्पंथान, भूटान के मंत्री डी एन थुंगवेल, नेपाल के पूर्व कार्यवाहक पीएम खिलराज रेग्मी, बांग्लादेश के सांसद साधनचंद्र मजूमदार और मलेशिया दातो एस के देवगनी अपने विचार रखे।

ऐसी रही विचार महाकुंभ की व्यवस्था
-अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस कार्यक्रम में विक्रमादित्य सभा कक्ष के साथ दो कक्ष कालिदास और सांदीपनि बनाए गए।
-मेहमानों के लिए इंदौर के लगभग 19 होटलों में 1000 कमरे बुक किए गए।
-आयोजन स्थल पर 8 हैलीपेड बनाए गए थे।

-मेहमानों को लाने ले जाने के लिए 30 एसी कोच और 350 कारें बुक की गई।
-आयोजन स्थल के पास 15 हेक्टेयर में पार्किंग की व्यवस्था रही।
-समारोह के सहभागियों को शुद्ध देसी घी में बने देश-विदेश के खास पकवान परोसे गए.

पहले भी उज्जैन आ चुके हैं मोदी

-इससे पहले साल 2004 में मोदी जब गुजरात के सीएम थे, तब उज्जैन आए थे।
-उन्होंने क्षिप्रा के तट पर डुबकी भी लगाई थी, लेकिन अब पीएम बनने के बाद आम लोगों को परेशानी न हो इसलिए मोदी बिना डुबकी लगाए ही दिल्ली रवाना हो जाएंगे।
-मोदी उज्जैन जिले के नरोरा हैलीपेड पहुंचकर करीब 2 बजे वापस दिल्ली रवाना होंगे।