SC ने चुनाव आयोग से पूछा-सजा पाए MP-MLA की सदस्यता क्यों नहीं हुई रद्द

Published by Published: July 22, 2016 | 3:59 pm
Modified: August 10, 2016 | 3:57 am

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक याचिका पर सुनवाई के दौरान 2 साल से ज्यादा की सजा पाने वाले सांसदों और विधायकों की सदस्यता तुरंत रद्द न होने पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। कोर्ट ने आयोग को जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है।

एनजीओ ने दायर की थी याचिका
-यह याचिका एक एनजीओ लोक प्रहरी की ओर से दायर की गई थी।
-सुप्रीम कोर्ट ने साल 2013 में अपने फैसले में ऐसे जनप्रतिनिधियों को तुरंत अयोग्य करार देने के आदेश दिए थे।
-उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग विधानसभा सचिवालय से रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई करता है।
-जबकि विधानसभा सचिवालय की तरफ से अक्सर रिपोर्ट भेजने में देरी होती है।

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कैलाश चौरसिया मामले का दिया हवाला
-सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में अपने फैसले में कहा था कि यदि किसी जनप्रतिनिधि को दो साल से ज्यादा की सजा होती है तो उसकी सदस्यता रद्द होगी।
-याचिका में यूपी के पूर्व मंत्री कैलाश चौरसिया के मामले का भी हवाला दिया गया है।
-चौरसिया को एक मामले में 3 साल की सजा मिली थी लेकिन उन्हें सदस्यता से अयोग्य करार देने में काफी समय लगा था।