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कड़ी मेहनत से सोनी ने पाया मुकाम, जानिए क्‍या है सफलता का राज

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AdminBy Admin

Published on 9 April 2016 5:09 PM GMT

कड़ी मेहनत से सोनी ने पाया मुकाम, जानिए क्‍या है सफलता का राज
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वाराणसीः काशी की बेटी सोनी चौरसिया एक नया इतिहास रच चुकी हैं। सोनी 124 घंटे कथक नृत्य कर वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के लिए पिछले चार अप्रैल से डांस कर रही हैं। सोनी की सफलता बताती है कि कड़ी मेहनत और दृढ इच्छा शक्ति के बल पर असंभव काम भी किया जा सकता है। इस सफलता के बाद हर कोई सोनी के बारे में जानना चाहता है कि आखिर सोनी ने अब तक का सफर कैसे पूरा किया। उनके इस सफर में कितने लोग साथ है।

सोनी करती थी बीस घंटे रियाज

-सोनी वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के सपने को पूरा करने के लिए एक वर्ष से तपस्या कर रही थी।

-पिछले एक साल से सोनी के रियाज का दौर सुबह से शुरू होता था जो रात के 11 बजे तक चलता था।

-सुबह तीन बजे नाव से गंगा पार दौड़ने के लिए जाती थीं।

-गंगा के उस पार रेत पर करीब एक से डेढ़ घंटे तक दौड़ लगाती थी।

-उसके बाद रेत पर एक घंटे तक योगा।

-योगा के बाद गंगा को तैर कर पार कर घर वापसी।

ये होता था नाश्ते में

-चार घंटे के रियाज के बाद सोनी हैवी ब्रेक फास्ट में मेवे व कमलगट्टे का हलुआ, दलिया आदि लेती थीं।

-हल्दी और प्रोटीन मिलाकर दूध भी पीती थीं।

-सोनी हमेशा गर्म पानी ही पीती थीं।

आठ घंटे होता था रियाज

-एक घंटे आराम के बाद सोनी पैरों में घुंघरू बांधकर आठ घंटे डांस का रियाज करती थीं।

-रियाज के बाद सोनी सांग ट्रैक को तैयार करती थी।

पहला दिन कुछ ऐसा रहा

-सोनी ने चार अप्रैल को दिन का खाना खाने के बाद शाम छह बजे एनर्जी ड्रिंक लेकर डांस की शुरुआत की।

-सतावरी अश्वगंधा, मुलेठी का चूर्ण मिलाकर सुबह आधा चम्मच लेती और रात में दूध के साथ आधा चम्मच लेती रहीं।

-रात में करीब आठ बजे खिचड़ी लिया और गर्म पानी पीया,

-दूसरे दिन पांच अप्रैल की सुबह पांच बजे सोनी ने गोमूत्र पीया।

-उसके बाद नींबू शहद के साथ एनर्जी बिस्किट लिया।

-सुबह आठ बजे टमाटर सूप और दस बजे पतली खिचड़ी खाई।

-दिन में दो बार हल्दी का दूध और बादाम का दूध पीती हैं।

-डांस के दौरान दलिया, खिचड़ी और टमाटर का शूप पीती रहती हैं।

-सोनी की यही दिनचर्चा पिछले छह दिन से चल रही हैं।

-सोनी डायटिशियन की देखरेख में खाना पीना कर रही हैं।

रेस्ट के समय होता था चेकअप

-सोनी रेस्ट के दौरान कुछ नहीं खाती थीं।

-उस दौरान डॉक्टर उनका चेकअप करते थे और फिजियोथेरेपिस्ट स्ट्रेचिंग कराते थे।

-मशीन के सहारे सोनी के मशल्लस को रिलैक्स किया जाता है।

सोनी के साथ कोच भी तपस्या जारी

-सोनी को आज इस मुकाम तक पहुंचाने में उनके कोच राजेश डोगरा का भी अहम रोल है।

-सोनी को मुकाम दिलाने के लिए वे भी पिछले एक साल से सोनी के साथ तपस्या करते रहे हैं।

-सोनी मंच पर तो, उनके कोच मंच के नीचे पिछले छह दिनों से सोए नहीं।

-वे मंच के नीचे सारा काम अपनी देखरेख में करते रहे।

-कोच राजेश डोगरा पिछले एक साल से प्रतिदिन सुबह तीन बजे सोनी के घर जाकर उसे उठाते थे।

-उसे रियाज के लिए खुद नाव चलाकर गंगा के उस पार लेकर जाते थे।

पान बेचते हैं सोनी के पिता

-सोनी के पिता श्याम चंद्र चौरसिया पान की दुकान चलाते हैं।

-सोनी का परिवार बीबीहटिया मोहल्ले में रहता है।

-बेहद सामान्य परिवार की सोनी की दो बहनें और दो भाई हैं।

-इस अभियान में सोनी का छोटा भाई पवन भी दिन-रात लगा था।

-वहीं उनकी मां दिन-रात पूजा पाठ कर भगवान से बेटी का सपना पूरा करने की प्रार्थना करती रही हैं।

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