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सबरीमाला मंदिर जा रहीं 4 महिलाओं को प्रदर्शनकारियों ने लौटाया

Rishi
Updated on: 21 Oct 2018 12:46 PM GMT
सबरीमाला मंदिर जा रहीं 4 महिलाओं को प्रदर्शनकारियों ने लौटाया
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सबरीमाला : आंध्र प्रदेश की रहने वाली चार महिलाएं रविवार को भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए सबरीमाला मंदिर की ओर जा रही थीं कि तभी गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने उनका रास्ता रोका और उन्हें वापस लौटा दिया। सुबह 10 बजे एक पुरुष श्रद्धालु के साथ दो महिलाओं को प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। श्रद्धालु पहाड़ी पर स्थित मंदिर के अपने सफर की शुरुआत करने के लिए मंदिर कस्बे के मुख्य मार्ग में प्रवेश करने के करीब थे कि तभी प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया।

ये भी देखें : सबरीमाला मंदिर: भारी विरोध के बाद दोनों महिलाएं रास्ते से लौटीं

संकट बढ़ता देख पुलिस अधिकारियों ने दोनों महिलाओं के इर्द-गिर्द एक सुरक्षा घेरा बना लिया और वे उन्हें पांबा के पुलिस नियंत्रण कक्ष ले गए।

पुलिस महानिरीक्षक एस.श्रीजित ने संवाददाताओं को बताया कि दोनों महिलाओं का कहना है कि जब उन्होंने सुना कि सर्वोच्च न्यायालय ने सभी महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत दे दी है, तो उन्होंने तीर्थयात्रा करने का फैसला किया।

श्रीजित ने कहा, "ये महिलाएं आंध्र प्रदेश के तीर्थयात्रा समूह का हिस्सा हैं और केरल के विभिन्न मंदिरों की यात्रा कर रही हैं। जब उन्हें विरोध प्रदर्शन के बारे में बताया गया तो उन्होंने लौटने का फैसला किया और हमने उन्हें निलक्कल में खड़े वाहन तक पहुंचाया।"

दोनों महिलाओं को वापस भेजने के तुरंत बाद प्रदर्शनकारियों ने एक अन्य महिला को मंदिर की ओर जाते हुए पाया। उन्होंने उसे भी रोका और वापस जाने को कहा।

होहल्ला होते देख पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। महिला के आधार कार्ड में उसकी उम्र 47 वर्ष देखने के बाद प्रदर्शनकारी भड़क गए।

ये भी देखें : सबरीमाला मंदिर: दर्शन को लेकर रार, महिलाओं के प्रवेश पर विरोध प्रदर्शन

हंगामे के बीच महिला ने बेचैनी महसूस की, जिसे क्लीनिक ले जाया गया। उसके बाद बिना दर्शन किए उसे वापस लौटना पड़ा।

पहाड़ी की चोटी पर पालकी से जा रही चौथी महिला को प्रदर्शनकारियों ने मंदिर से करीब एक किलोमीटर दूर पहचान लिया।

जैसे ही प्रदर्शनकारी महिला के पास पहुंचे, पुलिस ने महिला को बचा लिया और उसे वापस पांबा ले जाया गया।

इस बीच भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष पी. एस. श्रीधरन पिल्लई ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाना चाहिए और केंद्र से अदालत के फैसले को रद्द कराने के लिए एक अध्यादेश लाने की सिफारिश करनी चाहिए।

Rishi

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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