UP: कासगंज दंगे की होगी SIT जांच, योगी के मंत्री का विधानसभा में ऐलान

Published by aman Published: February 9, 2018 | 4:42 pm
Modified: February 9, 2018 | 4:45 pm
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लखनऊ: विधानसभा में विपक्ष के शोर-शराबे के बीच संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कासगंज दंगे की एसआईटी जांच का ऐलान किया है। विपक्षी सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, कि कासगंज में 25 जनवरी से 10 फरवरी तक धारा 144 लागू थी। इसकी वजह से वहां कोई नई परंपरा नहीं शुरू हो सकती थी। पहले से जिस तरह ध्वजारोहण किया जाता था। उस पर कोई रोक नहीं थी। ऐसी स्थिति में किसी नई गति​विधि के लिए जिला प्रशासन की अनुमति लेनी होती है।

विपक्ष की मांग- हाईकोर्ट की सीटिंग जज से हो दंगे की जांच
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार ‘लल्लू’ ने कहा, कि ‘देश में 26 जनवरी के दिन धारा- 144 लगाई गई। गणतंत्र दिवस के दिन झंडा फहराने के लिए किसी की अनुमति नहीं लेनी पड़ती। उन्होंने सदन के समक्ष अपनी मांग रखते हुए कहा, कि इस दंगे की हाईकोर्ट के सीटिंग जज से जांच कराई जाए। तभी न्याय मिल पाएगा। इसके बाद कांग्रेस के सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे।

‘यह पता चलना चाहिए। किसकी गोली से हुई चंदन मौत’
नेता विपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा, कि वह कासगंज दंगे की वीडियो देखते हैं। जांच में यह साफ होना चाहिए कि चंदन गुप्ता की मौत किसकी गोली से हुई। इसका खुलासा कैसे होगा? इसलिए इसकी हाईकोर्ट के सीटिंग जज से इस प्रकरण की जांच होनी चाहिए। यदि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और न्याय के लिए ​प्रतिबद्ध है तो फिर न्यायिक जांच से क्यों कतरा रही है। जानबूझकर मुसलमानों को अपमानित किया जा रहा है। इसके बाद सपा सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया।