किसानों से किया वादा निभाने में जुटे CM योगी, केंद्र से कर्ज ले सकती है UP सरकार

Published by aman Published: March 29, 2017 | 6:43 am
Modified: March 29, 2017 | 6:45 am
किसानों से किया वादा निभाने में जुटे CM योगी, केंद्र से कर्ज ले सकती है UP सरकार

लखनऊ: यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानों से सरकार बनते ही कर्ज माफी का वादा किया था। लेकिन बीते दिनों वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कर्ज माफी की संभावनाओं से साफ इंकार किया था। हालांकि, जेटली ने कहा था कि यदि राज्य सरकार चाहे तो वह अपने संसाधनों से किसानों का कर्ज माफ कर सकती है।

यूपी की योगी सरकार कर्ज माफी के चुनावी वादे को पूरा करने के लिए कमर कस रही है। इसके लिए राज्य सरकार कर्ज लेने की तयारी में है। आय के सीमित संसाधनों के मद्देनजर कर्ज माफी कैसे हो, इसके लिए राज्य सरकार अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रही है।

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करीब 63,000 करोड़ रुपए की होगी जरूरत
-वित्त विभाग के अधिकारियों की मानें, तो किसानों की कर्जमाफी के लिए राज्य सरकार को करीब 63,000 करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी।
-प्रदेश में करीब 2.15 करोड़ ऐसे किसान हैं, जिनका कर्ज माफ किया जाना है।
-इनमें 1.85 करोड़ सीमांत और 30 लाख लघु किसान हैं।
-इसी के तहत मंगलवार को सीएम आदित्यनाथ योगी ने वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल के साथ बैठक की।
-साथ ही वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ भी बैठक की।

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ऐसे की जा रही धन जुटाने की कोशिश
-यूपी सरकार ‘ट्रांसफर टू स्टेट’ मद के जरिए केन्द्र से सहयोग चाहती है।
-इस मद में केन्द्र अगर चाहे तो राज्य सरकार को आर्थिक मदद दे सकती है।
-सूत्रों की मानें तो यूपी सरकार के वरिष्ठ अधिकारी केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ जल्द बैठक कर सकते हैं।
-हालांकि इस मद में अगर केन्द्र यूपी को पैसा देता है, तो अन्य राज्य भी इसकी मांग कर सकते हैं।

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कुछ पेंच भी :
-राज्य सरकार कर्ज लेने के विकल्प पर भी विचार कर रही है।
राज्य सरकार चाहती है कि इसके लिए उसे नियमों में छूट दी जाए।
-दरअसल, कर्ज मिलने में भी राज्य सरकार को दिक्कत है।
-राज्य सरकार प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद के 3 प्रतिशत के बराबर ही कर्ज ले सकती है।
-ऐसे में सरकार चाहती है कि इस कर्ज को उस सीमा से बाहर रखा जाए, ताकि प्रदेश के विकास कार्यों पर असर न पड़े।

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जारी …

क्या बैंक का मिलेगा साथ?
-साथ ही कर्ज लेने पर राज्य सरकार को ब्याज का भी भुगतान करना पड़ेगा।
-ऐसी स्थिति में बड़ी चुनौती यह होगी कि कमाई का एक बड़ा हिस्सा ब्याज में ही चला जाएगा।
-कर्जमाफी के बाद बैंकों को भुगतान किया जाए।
-राज्य सरकार विचार कर रही है कि बैंक पहले किसानों के कर्ज को माफ कर दे, बाद में राज्य सरकार बैंकों को भुगतान करे।
-हालांकि इसके लिए बैंक राजी हो जाएंगे, ये जरूरी नहीं है।

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