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Seoni Mob Lynching: आदिवासियों का पीट-पीटकर हत्या मामले में शिवराज सरकार का एक्शन, हटाए गए एसपी

MP Latest News : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मॉब लिंचिंग (Seoni Mob Lynching) मामले को लेकर एसआईटी का गठन कर जांच का आदेश दिया है, साथ ही एसपी को हटाने का निर्देश दिया है।

Bishwa Maurya
Published on 14 May 2022 8:58 AM GMT
Madhya Pradesh Mob Lynching
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आदिवासियों की हत्या का विरोध करते लोग (तस्वीर साभार : सोशल मीडिया)

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Madhya Pradesh Mob Lynching: मध्य प्रदेश के सिवनी में मॉब लीचिंग में 2 आदिवासियों की मौत मामले में मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) सरकार अब एक्शन में आ गई है। घटना के करीब 2 हफ्ते बाद आज मध्य प्रदेश सरकार ने तत्कालीन एसपी को हटाने का निर्देश दे दिया है। बता दें बीते दिन ही मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक तीन सदस्य एसआईटी (SIT) का गठन किया था। एसआईटी की एक टीम घटना के कारणों का बारीकी से जांच करेगी साथ ही इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस के कार्यशैली को लेकर भी जांच की जाएगी।

क्या है मामला?

करीब 2 हफ्ते पहले मध्य प्रदेश के सिवनी जनपथ स्थित खुरई थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव में 2 आदिवासियों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, उन आदिवासियों पर आरोप लगाया जा रहा था कि वह गोकशी कर रहे हैं। यह मामला 2 मई का है जब रात के करीब 3:00 बजे सिमरिया गांव के निवासी धनसा इनवाती तथा सागर गांव के निवासी संपत बट्टी तथा बृजेश को सिमरिया गांव के करीब 3 दर्जन लोगों ने गोकशी के शक में घेर लिया। स्थानीय लोगों ने धनसा इनवाती, संपत भट्टी और बृजेश के ऊपर आरोप लगाया कि यह लोग गौ मांस लेकर जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने इन तीनों आदिवासियों को लाठी-डंडों से जमकर पीटा जिसमें यह आदिवासी गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि मामले की सूचना जैसे ही पुलिस को लगी पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर किसी तरह तीनों आदिवासियों को घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान ही गंभीर रूप से घायल संपत भट्टी और धन सा इनवाती की मौत हो। इस मामले पर कार्रवाई करते हुए इस मॉब लिंचिंग के 9 आरोपियों को पुलिस ने अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया। वहीं कई अन्य की तलाश अभी भी जारी है।

सरकार ने किया एसआईटी का गठन

मॉब लिंचिंग की घटना घटित होने के करीब 2 सप्ताह बाद मध्य प्रदेश सरकार ने मामले पर संज्ञान लेते हुए तत्कालीन एसपी को पद से हटा दिया। साथ ही इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों कि एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी की इस टीम में सीआरपीएफ के डीजी अखेतो सेता, माशिंग के सचिव श्रीकांत भनोट तथा एसीएस गृह सचिव राजेश राजौरा को शामिल किया गया है।

मॉब लिंचिंग के मामले पर गरमाई मध्य प्रदेश की सियासत

मॉब लिंचिंग की घटना में दो आदिवासियों की दुखद निधन के बाद मध्य प्रदेश की सियासत में तापमान बढ़ गया। एक और भारतीय जनता पार्टी का सदस्य दल पीड़ित परिवार से मिलने के लिए घर पहुंचा तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल को आदिवासी परिवार के घर मिलने भेजा।

उधर मध्यप्रदेश में मॉब लिंचिंग की घटना सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया उन्होंने कहा इस मामले में सिंह की घटना में जो भी आरोपी हैं उनका तार भारतीय जनता पार्टी से भी जुड़ा हुआ है। साथी कमलनाथ ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने का मांग किया।

कमलनाथ के अलावा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी ट्वीट करते हुए भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा प्रियंका ने अपने ट्वीट में लिखा 2 आदिवासियों की पीट पीट कर हत्या बजरंग दल और आरएसएस के लोगों ने कर दी है। भारतीय जनता पार्टी और आर एस एस नफरत का झंडा फैलाते हैं और आदिवासियों के प्रति हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं हम एकजुट होकर आरएसएस और भाजपा द्वारा फैलाए जा रहे एजेंडे को रोकेंगे।

Bishwa Maurya

Bishwa Maurya

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