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Nawab Malik Case: नवाब मलिक की न्यायिक हिरासत 18 अप्रैल तक बढ़ी, PMLA कोर्ट का फैसला

Nawab Malik: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की प्रॉपर्टी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में सुनवाई करते हुए पीएमएलए कोर्ट ने नवाब मलिक की न्यायिक हिरासत 18 अप्रैल तक बढ़ा दिया है।

Rajat Verma
Updated on: 4 April 2022 10:22 AM GMT
Nawab Malik
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 नवाब मलिक (तस्वीर साभार : सोशल मीडिया) 

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Nawab Malik Case : सोमवार को PMLA की विशेष अदालत ने अंडरवर्ल्ड प्रॉपर्टी और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) सम्बंधी मामले में सुनवाई के बाद एनसीपी (NCP) नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) की न्यायिक हिरासत की अवधि को 14 दिनों के लिए बढ़ाकर 18 अप्रैल तक कर दी है। हालांकि पीएमलए की विशेष न्यायालय ने नवाब मलिक को घर का खाना और दवाइयों के लिए राहत प्रदान की गई है।

आपको बता दें कि 23 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा नवाब मलिक को कथित तौर पर मोस्टवांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) की बहन हसीना पारकर (Haseena Parkar) के साथ 1999 में एक प्रॉपर्टी खरीद मामले में तथा आतंकवादी फंडिंग में सक्रिय भागीदारी के लिए हिरासत में लिया गया था।

नवाब मलिक द्वारा ईडी के मामले को रद्द करने और उन्हें तुरंत रिहाई देने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का रूख किया था लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने बीते 15 मार्च को नवाब मलिक द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे रद्द कर दिया था। हालांकि इसके बाद अब मंत्री नवाब मलिक ने सर्वोच्च न्यायालय का रूख किया है।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत याचिका रद्द करते हुए की थी यह टिप्पणी

15 मार्च को नवाब मलिक की अंतरिम जमानत हेतु दायर याचिका के संबंध में सुनवाई करते हुए बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश प्रसन्ना बी. वरले और न्यायाधीश श्रीराम एम. मोदक की घण्ड़पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि-"चूंकि कुछ बहस योग्य मुद्दे उठाए जाते हैं, इसलिए उन्हें विस्तार से सुनने की आवश्यकता होती है। हमारे द्वारा सौंपे गए आधारों को ध्यान में रखते हुए हम अंतरिम आवेदन में प्रार्थना की अनुमति देने के इच्छुक नहीं हैं। नवाब मलिक की जमानत हेतु दायर अंतरिम आवेदन को खारिज किया जाता है।"

Bishwa Maurya

Bishwa Maurya

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