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कांग्रेस माउथपीस में नेहरू पर उठाए सवाल, सोनिया के पिता को बताया

Newstrack
Published on 28 Dec 2015 7:57 AM GMT
कांग्रेस माउथपीस में नेहरू पर उठाए सवाल, सोनिया के पिता को बताया
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मुंबई. कांग्रेस की मुंबई यूनिट के माउथपीस ‘कांग्रेस दर्शन’ में सरदार वल्लभभाई पटेल की जमकर तारीफ की गई है। वहीं, पंडित जवाहरलाल नेहरू की पॉलिसीज पर सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी के पिता को फासीवादी तक करार दिया गया है। इन कमेंट्स को मुंबई कांग्रेस ने बड़ी गलती करार दिया है।

सोनिया की तारीफ में आर्टिकल, लेकिन उन्हीं के पिता पर सवाल

- ‘कांग्रेस दर्शन’ में पार्टी प्रेसिडेंट की तारीफ में ‘कांग्रेस की कुशल सारथी सोनिया गांधी’ हेडिंग के साथ आर्टिकल लिखा गया है।

- इसमें कहा गया है- आर्टिकल 1997 में कांग्रेस मेंबर बनने के 62 दिन बाद ही वे पार्टी प्रेसिडेंट बन गईं। उन्होंने सरकार बनाने की नाकाम कोशिश की।

- उनके पिता इटली में फासीवादी ताकतों से जुड़े थे।

नेहरू पर क्यों उठाए गए हैं सवाल?

- ‘कांग्रेस दर्शन’ के दिसंबर के एडिशन में नेहरू पर उनके कश्मीर, चीन और तिब्बत पर लिए गए फैसलों के चलते सवाल उठाया गया है।

- आर्टिकल में कहा गया है कि नेहरू को फ्रीडम फाइटर और पहले होम मिनिस्टर सरदार वल्लभभाई पटेल की बात सुननी चाहिए थी। अगर ऐसा होता तो इंटरनेशनल मामलों में आज इतनी दिक्कत नहीं आती।

- बता दें कि कांग्रेस इससे पहले इन दोनों नेताओं के बीच आपसी विवाद को लेकर खुलकर कुछ नहीं कहती थी।

- इस एडिशन को मुंबई कांग्रेस के माउथपीस में पटेल की पुण्यतिथि पर 15 दिसंबर को खास तौर पर निकाला गया है।

कश्मीर और नेहरू को लेकर क्या लिखा गया है?

- मुंबई रीजनल कांग्रेस कमिटी (एमआरसीसी) ने पार्टी लाइन के खिलाफ किए कमेंट में नेहरू को कश्मीर विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

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नेहरू-पटेल को लेकर क्या लिखा गया है?

- ''13 नवंबर को सरदार पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया, जो कि पंडित नेहरू के तीव्र विरोध के पश्चात भी बना।''

- ''जहां तक कश्मीर रियासत का प्रश्न है, इसे पंडित नेहरू ने स्वयं अपने अधिकार में लिया हुआ था। परंतु सत्य यह है कि सरदार पटेल कश्मीर में जनमत संग्रह तथा कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र संघ ले जाने पर बेहद क्षुब्ध थे।''

- ''विदेश विभाग पं. नेहरू का कार्यक्षेत्र था, परंतु कई बार उप प्रधानमंत्री होने के नाते कैबिनेट की विदेश विभाग की समिति में उनका (पटेल) दखल होता था। उनकी दूरदर्शिता का लाभ यदि उस समय लिया जाता तो अनेक वर्तमान समस्याओं का जन्म न होता।''

- ''1950 में पंडित नेहरू को लिखे एक पत्र में पटेल ने चीन तथा उसकी तिब्बत के प्रति नीति से सावधान किया था और चीन का रवैया कपटपूर्ण तथा विश्वासघाती बतलाया था। अपने पत्र में चीन को अपना दुश्मन, उसके व्यवहार को अभद्रपूर्ण और चीन के पत्रों की भाषा को किसी दोस्त की नहीं, भावी शत्रु की भाषा कहा था।''

मुंबई कांग्रेस प्रेसिडेंट बोले- गलती सुधारेंगे

- कांग्रेस दर्शन के संपादक मुंबई कांग्रेस के प्रेसिडेंट संजय निरुपम हैं।

- उन्होंने कहा, ''गलती को सुधारेंगे। संपादकीय प्रभार की ओर से चूक हुई है।'

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