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आतंकी मूसा ने हिजबुल से तोडा नाता, अब होगा और अधिक खूंखार

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 13 May 2017 12:54 PM GMT

आतंकी मूसा ने हिजबुल से तोडा नाता, अब होगा और अधिक खूंखार
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श्रीनगर : कश्मीर घाटी में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सुप्रीमो जाकिर मुसा ने कहा है, कि वो अपने इस संगठन से अलग होने जा रहा है। आपको बता दें हिजबुल ने मुसा के उस बयान से पल्ला झाड़ लिया है, जिसमें उसने कहा था कि अगर हुर्रियत नेताओं ने कश्मीर मामले को 'राजनीतिक' बताया तो वह उनके सिर काटकर उन्हें लाल चौक पर लटका देगा।

सूत्रों के मुताबिक इसके बाद अब मूसा अपना नया संगठन तैयार करेगा, और इसके लड़ाके तेजी से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देंगे। ऐसे में सुरक्षा एजेंसी पहले से अधिक सतर्क रहे तभी अनहोनी से बचा जा सकता है।

ये भी देखें : होशियार : दुनिया के सामने आने वाला है आतंक का नया सौदागर….हमजा

2016 जुलाई में घाटी में हिजबुल की कमान संभालने वाले मुसा ने घोषणा की है कि उसका हिजबुल मुजाहिदीन से कोई नाता नहीं। सोशल मीडिया पर जारी एक नए ऑडियो संदेश में मुसा ने कहा, "मेरे अंतिम ऑडियो संदेश के बाद, कश्मीर में काफी उलझन हो गई है। मैं अपने बयान और संदेश पर कायम हूं।"

मुसा ने शुक्रवार को कहा था कि अगर हुर्रियत नेताओं ने कश्मीर मुद्दे को 'इस्लामिक संघर्ष' न बताकर 'राजनीतिक मुद्दा' करार दिया तो वह हुर्रियत नेताओं के सिर काटकर उन्हें श्रीनगर के लाल चौक पर लटका देगा। हिजबुल मुजाहिदीन ने हालांकि शनिवार को कहा कि मुसा के बयान से संगठन इत्तेफाक नहीं रखता।

हिजबुल के प्रवक्ता सलीम हाशमी ने एक समाचार एजेंसी को भेजे गए ई-मेल में कहा, "इस तरह का बयान हमारे लिए अस्वीकार्य है। इसमें जाकिर मुसा की निजी राय झलकती है।"

हिजबुल के बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए मुसा ने ऑडियो संदेश में कहा, "हिजबुल मुजाहिदीन ने कहा है कि उसका जाकिर मुसा के बयान से कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए, अगर हिजबुल मुजाहिदीन मेरा प्रतिनिधित्व नहीं करता, तो मैं भी उनका प्रतिनिधित्व नहीं करता हूं। आज के बाद से मेरा हिजबुल मुजाहिदीन से कोई लेना-देना नहीं है।"

करीब 20-22 वर्षीय मुसा ने कहा कि उसने किसी खास व्यक्ति या हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी के बारे में कुछ नहीं कहा। उसने कहा, "मैंने केवल उस शख्स के विरुद्ध कहा है, जो इस्लाम के खिलाफ है और एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के गठन के लिए आजादी की बात करता है।"

उसने कहा, "हम इस्लाम की खातिर आजादी की जंग लड़ रहे हैं। मेरा रक्त इस्लाम के लिए बहेगा न कि किसी धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के लिए।"

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो संदेश में जाकिर ने कहा, "मैं उन सभी पाखंडी हुर्रियत नेताओं को चेतावनी दे रहा हूं। उन्हें हमारी इस्लामिक लड़ाई में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उनके सिर काटकर उन्हें लाल चौक पर लटका देंगे।"

उसने कहा कि कश्मीर में शरीयत लागू करने को लेकर उसकी लड़ाई का उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट है न कि वह कश्मीर मुद्दे को राजनीतिक संघर्ष बताकर उसका समाधान चाहता है। माना जा रहा है कि इस सप्ताह की शुरुआत में कश्मीरी सैन्य अधिकारी उमर फैयाज की हत्या में हिजबुल मुजाहिदीन का हाथ है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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