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Lok sabha Elections: पिछले चुनाव में 23 मुस्लिम संसद पहुंचे, क्या बदलेगी स्थिति

लोकसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है। जुबानी हमले जहां तेज हुए हैं। वहीं उम्मीदवारों की तलाश भी तेज हो गई है। इसबार पार्टियां जिताऊ के साथ ही टिकाऊ उम्मीदवार तलाश रही हैं, लेकिन इस सबके बीच चिंता का विषय है कि लोकसभा में मुस्लिम समाज का प्रतिनिधित्व घट रहा है।

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RishiBy Rishi

Published on 13 March 2019 6:45 AM GMT

Lok sabha Elections: पिछले चुनाव में 23 मुस्लिम संसद पहुंचे, क्या बदलेगी स्थिति
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लखनऊ : लोकसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है। जुबानी हमले जहां तेज हुए हैं। वहीं उम्मीदवारों की तलाश भी तेज हो गई है। इसबार पार्टियां जिताऊ के साथ ही टिकाऊ उम्मीदवार तलाश रही हैं, लेकिन इस सबके बीच चिंता का विषय है कि लोकसभा में मुस्लिम समाज का प्रतिनिधित्व घट रहा है। आपको बता दें, देश की सबसे बड़ी पंचायत कही जाने वाली संसद देश का प्रतिनिधित्व करती है। यह देखना अभी बाकी है कि कौन से दल कितने मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारती है। फिलहाल आप ये जानिए कि 2014 लोकसभा चुनाव में क्या हुआ था।

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वर्ष 2014 में सिर्फ 23 मुस्लिम उम्मीदवार संसद पहुंचे थे पश्चिम बंगाल से 8, बिहार से 4, केरल से 3, जम्मू- कश्मीर से 3, असम से 2 और आंध्र प्रदेश से 1 और लक्षद्वीप से भी एक।

इन मुस्लिम नेताओं ने दी थी कड़ी टक्कर

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लद्दाख सीट से निर्दलीय उम्मीदवार गुलाम रजा बीजेपी के थुपस्तान चेवांग से 36 वोटों से हारे।

कांग्रेस के हमीदुल्लाह सयीद लक्षद्वीप सीट से मोहम्मद फैजल से 1,535 वोटों से हारे।

माकपा के ए. एन. शमसीर वडाकारा सीट से कांग्रेस के मुल्लापल्ली रामचंद्रन से 3,306 वोटों से हारे

सपा के शफीक उर रहमान बराक संभल सीट से बीजेपी के सत्यपाल सिंह से 5,174 वोटों से हारे।

किस राज्य में कितने मुस्लिम उम्मीदवार थे

यूपी में 19 मुस्लिम उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे, पश्चिम बंगाल में नौ, बिहार में पांच मुस्लिम उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे।

ये जीते

माकपा के मोहम्मद सलीम ने रायगंज सीट 1,356 वोटों से जीती।

आरामबाग सीट से 3,46,845 वोटों के अंतर से जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस की अपरूपा पोद्दार उर्फ़ आफरीन अली ने सबसे अधिक अंतर चुनाव जीता।

मुस्लिम आबादी

2011 की जनगणना के मुताबिक मुस्लिम आबादी 17.2 करोड़ है, जबकि लोकसभा में प्रतिनिधित्व 10 फीसदी से भी कम है।

आपको बता दें, 1980 में 49 मुस्लिम संसद पहुंचे थे।

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No. Name Party Constituency State Margin

1 Asaduddin Owaisi AIMIM Hyderabad Andhra Pradesh 202454

2 Siraj Uddin Ajmal AIUDF Barpeta Assam 42341

3 Badruddin Ajmal AIUDF Dhubri Assam 229730

4 Tasleem Uddin RJD Araria Bihar 146504

5 Tariq Anwar NCP Katihar Bihar 67723

6 Ch. Mahboob Ali Kaiser LJP Khagaria Bihar 76003

7 Mohammad Asrarul Haque Congress Kishanganj Bihar 76003

8 Mehbooba Mufti PDP Anantnag J & K 65417

9 Muzaffar Hussain Baig PDP Baramulla J & K 29219

10 Tariq Hameed Karra PDP Srinagar J & K 42280

11 E. Ahamed IUML Malappuram Kerala 194739

12 E. T. Mohammed Basheer IUML Ponnani Kerala 25410

13 M I Shanavas Congress Wayanad Kerala 20870

14 Mohammed Faizal P.P. NCP Lakshadweep Lakshadweep 1535

15 Anwhar Raajhaa.A AIADMK Ramanathapuram Tamil Nadu 119450

16 Idris Ali TMC Basirhat WB 109659

17 Mamtaz Sanghamitra TMC Burdawan-Durgapur WB 107331

18 Abu Hasem Khan Chowdhury Congress Maldaha Dakshin WB 164111

19 Mausam Noor Congress Malda Uttar WB 65705

20 Badaruddoza Khan CPIM Murshidabad WB 18453

21 Md. Salim CPIM Raiganj WB 1356

22 Sultan Ahmed TMC Uluberia WB 201141

23 APARUPA PODDAR (AFRIN ALI) TMC Arambagh WB 346845

Rishi

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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