×

Odisha News: 'पुरी' शहर बना देश का पहला 'शुद्ध' पानी पहुंचाने वाला राज्य, CM नवीन पटनायक ने किया उद्घाटन

Odisha News: आज के दौर में ओडिशा देश का पहला शुद्ध पीने का पानी पहुंचाने वाला राज्य बन गया है।

Network

NetworkNewstrack NetworkShwetaPublished By Shweta

Published on 27 July 2021 5:13 PM GMT

कॉन्सेप्ट फोटो
X

कॉन्सेप्ट फोटो ( फोटो सौजन्य से सोशल मीडिया)

  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

Odisha News: आज के दौर में ओडिशा देश का पहला शुद्ध पीने का पानी पहुंचाने वाला राज्य बन गया है। ओडिशा का पुरी नल से सभी घरों में शुद्ध पीने का पानी पहुंचाया जाएगा। शहर में 24 घंटे पीने का पानी की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इस अनोखे पहल से पुरी की 2.50 लाख आबादी को फायदा होने वाला है।

बता दें कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 'ड्रिंक फ्रॉम टैप' (सुजल) सुविधा का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया है। इसके बाद आज ओडिशा का पुरी नल विश्व के उन शहरों में शुमार हो गया है। जहां सभी घर में 24 घंटे शुद्ध पाने का पानी मुहैया कराया जाएगा।

सीएम नवीन पटनायक उद्घाटन के दौरान कहा कि," आज पुरी देश का पहला राज्य बन गया है जहां पर सभी घरों में 24 घंटे शुद्ध पाने का पानी पहुंचाया जाएगा। यह कदम विश्व स्तरीय धरोहर की ओर बढ़ा है। गौरतलब है कि सुजल मिशन की शुरुआत 15 शहरी इलाकों में 15 लाख से अधीक आबादी को नल से शुद्ध जल पहुंचाने के लिए बनाई गई थी। इस योजन के तहत 24 घंटे में शिकायत के लिए हेल्पलाइन सेंटर और पानी सप्लाई के लिए टीम तैनात रहेगा।

ओडिशा सरकार की योजना

बता दें कि ओडिशा सरकार की योजना है कि वह सभी शहरी इलाकों में 2022 तक शुद्ध जल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा करेगा। इस योजना से वह देश का पहला राज्य बन जाएगा। यह योजना जापान, अमेरिका, इंग्लैंड, और सिंगापुर जैसे देशों की तरह है। जहां पर नल से शुद्ध पीने का पानी पहुंचाया जाएगा। बताते चलें कि राज्य सरकार ने शुद्ध पाने का पानी सप्लाई और उसकी गुणवत्ता की जांच के लिए स्मार्ट वाटर की सुविधा कराया है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक बॉटल के इस्तेमाल को रोकने के लिए नल से शुद्ध पीने का पानी की व्यवस्था की गई है। इस योजना से पुरी में हर साल कम से कम 400 मीट्रिक टन प्लास्टिक के कचड़ो पर रोक लगेगी।

Next Story