सर्वदलीय बैठक: विपक्ष ने PM के सामने उठाई फारूक अब्दुल्ला की रिहाई की मांग

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले रविवार को संसद भवन की लाइब्रेरी बिल्डिंग में सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें सभी दलों के नेता शामिल हुए।
इस बैठक को संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने बुलाया था।

नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले रविवार को संसद भवन की लाइब्रेरी बिल्डिंग में सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें सभी दलों के नेता शामिल हुए।

इस बैठक को संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने बुलाया था। इस बैठक में सभी दलों के सांसद शामिल रहे। इस सर्वदलीय बैठक में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को हिरासत में रखे जाने का मुद्दा भी उठाया गया।

इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल हुए।  यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहयोगियों से छोटे मतभेदों को दूर करने के लिए कहा।

मोदी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के ‘विशाल परिवार’ पर जोर देते हुए कहा कि, ‘हम लोगों के लिए एक साथ काम करें। हमें एक विशाल जनादेश दिया गया है, आइए इसका सम्मान करें।

समान विचारधारा के नहीं होने के बावजूद हम समान विचारधारा वाले दल हैं।  हमें छोटे-मोटी दूरियों को नजरअंदाज करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय के लिए एक समन्वय समिति बनाई जानी चाहिए। ‘

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चिराग पासवान ने कही ये बात

लोक जन शक्ति पार्टी के नवनियुक्त प्रमुख चिराग पासवान ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले एनडीए की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि शिवसेना की अनुपस्थिति को बैठक में महसूस किया गया क्योंकि यह सबसे पुराने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सदस्य थे। उन्होंने कहा, ‘सहयोगियों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए और एक एनडीए संयोजक नियुक्त किया जाना चाहिए।’

चिराग ने कहा, ‘यह चिंता की बात है कि तेलुगु देशम पार्टी ने पहले गठबंधन छोड़ दिया और फिर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने किया। हम सभी (सहयोगी) आगामी सत्र में एक साथ काम करेंगे और इस तरह की और बैठकें होनी चाहिए।’

पीएम ने सांसदों से की अपील

इस बीच, भाजपा संसदीय दल की कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री ने भाजपा सांसदों से सदन में अच्छी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने सांसदों से सदन में मुद्दों को उठाने और केंद्र सरकार की योजनाओं को नागरिकों तक पहुंचाने में मदद करने को कहा।

संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 27 दलों की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सदन का सबसे महत्वपूर्ण काम चर्चा और बहस करना है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को सभी राजनीतिक दलों से सदन के सुचारू संचालन के लिए सहयोग की अपील की थी। अध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न दलों के नेताओं ने विभिन्न मुद्दों का उल्लेख किया है जो कि 18 नवंबर से 13 दिसंबर तक चलने वाले शीतकालीन सत्र के दौरान चर्चा किए जाने की कामना करते हैं।

सूत्रों के अनुसार सर्वदलीय बैठक के दौरान प्रधान मंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का सामना शिवसेना नेता विनायक राऊत से हुआ, इस दौरान रामदास अठावले ने महाराष्ट्र में सरकार का मुद्दा छेड़ दिया। पीएम मोदी ने कहा कि बालासाहेब की आज पुण्यतिथि है वे महान नेता थे, राउत बोले सरकार बनाना आपके हाथ में हैं।

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बैठक में ये नेता रहे मौजूद

बैठक में केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत, लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा शामिल हुए।

इसके अलावा टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन, एलजेपी नेता चिराग पासवान, समाजवादी पार्टी नेता राम गोपाल यादव, तेलुगू देशम पार्टी नेता जयदेव गल्ला, वी विजयसाई रेड्डी भी बैठक का हिस्सा रहे।

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