×

बसपा के प्रबुद्ध सम्मेलन के पोस्टर में प्रभु श्रीराम और परशुराम की तस्वीर, जानिए बसपा का मकसद

Ayodhya News : बीएसपी (BSP ) सुप्रीमो मायावती (BSP supremo Mayawati) विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गयी हैं।

Rahul Singh

Rahul SinghReport Rahul SinghShraddhaPublished By Shraddha

Published on 23 July 2021 6:19 AM GMT

मायावती के इस पोस्टर में प्रभु श्रीराम और परशुराम
X

मायावती के इस पोस्टर में प्रभु श्रीराम और परशुराम (फोटो - सोशल मीडिया)

  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

Ayodhya News : बीएसपी सुप्रीमो मायावती (BSP supremo Mayawati) विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गयी हैं। मायावती की नजर अपने परंपरागच वोटों के साथ साथ सबसे ज्यादा ब्राह्मण वोटों पर है। 2007 में जिस तरह से उन्हें जीत मिली थी, वह उसी फार्मूले को एक बार फिर से 2022 में दोहराना चाहती हैं। इसके लिए जगह भी खास चुनी गयी है, जिससे एक संदेश दिया जा सके।

बसपा के पाले में ब्राह्मणों को लाने व रिझाने के लिए मायावती ने अपने सबसे खासमखास सतीश चंद्र मिश्रा को लगाया है। सतीश चंद्र मिश्रा आज से ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत कर रहे हैं।

ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत के लिए धर्म नगरी अयोध्या को चुना गया है। मायावती के इस फैसले के कई मायने हैं। मायावती अब ये भलीभांति जान गयीं हैं कि सिर्फ दलित वोटरों के सहारे अब वह यूपी की सत्ता में काबिज नहीं हो सकती है। इसलिए BSP सुप्रीमो ब्राह्मणों को अपने पाले में करने के लिए प्रबुद्ध सम्मेलन करने का फैसला लिया है। पहले तो इसका नाम ब्राह्मण सम्मेलन रखा जा रहा था, लेकिन विवाद बढ़ा तो इसका नाम प्रबुद्ध सम्मेलन कर दिया गया।

अयोध्या से शुरुआत का मकसद

मायावती ने ब्राह्मण सम्मेलन के लिए अयोध्या नगरी अयोध्या को इसलिए चुना है। बहन जी जानती हैं कि हिन्दुओं के आस्था का प्रतीक भगवान राम हैं। बीजेपी जय श्रीराम का नारा देकर दिल्ली से लेकर यूपी की सत्ता तक पहुंच गयी। वह इस तरह के आयोजन के जरिए 2022 को चुनाव में हिंदुत्व वाला कार्ड खेलने से परहेज नहीं कर रहीं हैं।

बीएसपी सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो - सोशल मीडिया)

प्रबुद्ध सम्मेलन से पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्टर वायरल हो रहा है। इस पोस्टर में मायावती के साथ सतीश चंद्र मिश्रा भगवा रंग में दिखाई दे रहे हैं। पोस्टर में सबसे खास बात यह है कि इसमें राम मंदिर के साथ रामलला और भगवान परशुराम की तस्वीर लगायी गयी है। यह पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग मायावती के हिंदुत्व कार्ड को लेकर तमाम तरह की बातें करने लगे हैं।

ब्राह्मण-भूमिहारों को जोड़कर सत्ता पाने की जुगत में बसपा

बसपा, ब्राह्मण-भूमिहारों को जोड़कर सत्ता पाने की जुगत में लग गई है। आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा ने ब्राह्मणों को जोड़कर सहेजने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। अब हर जिले में सम्मेलन होगा, जिसमें पार्टी के सभी ब्राह्मण विधायक, सांसद और बड़े नेताओं को मंच पर स्थान दिया जाएगा। इसकी कमान बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को दी गई है। ब्राह्मण भाईचारा कमेटी भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाएगी। हर बूथ पर बैठक करके ब्राह्मण व भूमिहार समाज को जोड़ने का काम किया जाएगा।


6 जिलों में सम्मलेन करने का प्लान

BSP का ये सम्मलेन 6 जिलों में होगा, जिसकी शुरुआत आज से अयोध्या नगरी से हो रहा है। सतीश चंद्र मिश्रा अयोध्या में मंदिर दर्शन से ब्राह्मणों को जोड़ने की कवायद शुरू करेंगे। पहले चरण में 23 जुलाई से 29 जुलाई तक अम्बेडकर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ समेत 6 जिलों में ब्राह्मण सम्मेलन होंगे।

Shraddha

Shraddha

Next Story