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बड़ी खबर तब फेल हो जाएंगे महाराज, बच जाएगी कमलनाथ सरकार

ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल हो जाने, उनके राज्यसभा का पर्चा भर दिये जाने के बावजूद 19 विधायकों की निष्ठा को लेकर दावे प्रतिदावे जारी हैं। कमलनाथ आश्वस्त हैं कि उनकी सरकार फ्लोर टेस्ट को आसानी से पास कर लेगी। अभी तक की स्थिति 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट होने की है।

राम केवी

राम केवीBy राम केवी

Published on 14 March 2020 1:29 PM GMT

बड़ी खबर तब फेल हो जाएंगे महाराज, बच जाएगी कमलनाथ सरकार
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भोपालः मध्य प्रदेश में एक सवाल बहुत ज्यादा चर्चा में है कि क्या कमलनाथ सरकार फ्लोर टेस्ट में बच पाएगी। इस बीच सरकार बचाने के जतन में शंकराचार्य भी परोक्ष रूप से कूद पड़े हैं। दूसरी ओर ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्वागत में शिवराज सिंह का उन्हें विभीषण बताया जाना भी भाजपा के गले की फांस बन गया है। हालांकि अब सारा दारोमदार 19 विधायकों पर टिका है। कहा ये जा रहा है कि इनमें से कई विधायक पाला बदल सकते हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल हो जाने, उनके राज्यसभा का पर्चा भर दिये जाने के बावजूद 19 विधायकों की निष्ठा को लेकर दावे प्रतिदावे जारी हैं। कमलनाथ आश्वस्त हैं कि उनकी सरकार फ्लोर टेस्ट को आसानी से पास कर लेगी। अभी तक की स्थिति 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट होने की है।

विभीषण बताने के हो सकते हैं खतरनाक परिणाम

लेकिन मध्यप्रदेश के इस सियासी तूफान को शिवराज सिंह चौहान ने ज्योतिरादित्य को विभीषण बताकर माहौल गरमा दिया है। इससे एक ओर शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया की सियासी टसल के रूप में देखा जा रहा है तो दूसरी ओर सीएम कुर्सी की ओर ज्योतिरादित्य सिंधिया के बढ़ते कदमों की आहट भी माना जा रहा है, क्योंकि विभीषण के राम के साथ आने के बाद लंकापति के रूप में राजतिलक विभीषण का ही हुआ था।

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हालांकि कांग्रेस इस बयान का वीडियो वायरल कर इसे ज्योतिरादित्य की दुर्गति बता रही है, इसके साथ ही महाराज के साथ आने वाले विधायकों को भी लग रहा है कि उन्हें इसे उछल कूद से क्या लाभ मिलने वाला है कहीं ऐसा तो नहीं कि वो घर के रहें न घाट के। क्योंकि इन विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा के मजबूत दावेदार मौजूद हैं इसलिए चुनाव की स्थिति में उन्हें अपना टिकट खतरे में दिखायी दे रहा है।

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विधायकों को लाने में भाजपा की ऊहापोह

भाजपा भी इस बात को समझ रही है इसीलिए राज्यपाल से शिकायत के बावजूद अभी तक इन विधायकों को बेंगलुरु से भोपाल नहीं लाया गया है। एक बार तो प्लेन तैयार खड़े रहे तब भी विधायकों को चढ़ाया नहीं गया। भाजपा को यह भय अब भी सता रहा है कि अंतिम समय कितने विधायक पाला बदलेंगे। इन हालात का आनंद लेते हुए कमलनाथ आश्वस्त हैं कि वह फ्लोर टेस्ट में पास हो जाएंगे।

कोई नहीं गिरा सकता सरकार

उधर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के निजी सहायक ब्रम्ह्चारी सुबुधानन्द महाराज भी कमलनाथ सरकार के पक्ष में आ खड़े हुए हैं। सुबुधानन्द महाराज का कहना है कि डेढ़ साल पहले बनी सरकार को गिराने के कोशिश बेकार है ये कोई बनिया की दुकान नही हैं। कमलनाथ सरकार को कोई नही गिरा सकता है और उनकी कांग्रेस सरकार पूरे पाँच साल तक चलेगी। इस समय जो कुछ भी चल रहा है वो लोकतंत्र की हत्या है।

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