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क्या बसपा का वोट बैंक खसका, लगता है हाथी की घंटी बज गई है

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RishiBy Rishi

Published on 15 Jan 2018 3:16 PM GMT

क्या बसपा का वोट बैंक खसका, लगता है हाथी की घंटी बज गई है
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हरदोई : अपने वोट बैंक को लेकर देश भर में मशहूर बहुजन समाज पार्टी इन दिनों शायद बदहाली के दौर से गुजर रही है। क्योंकि बसपा सुप्रीमो मायावती के 62 वें जन्मदिन पर महज तीन सौ की भीड़ के अलावा बसपाई इकट्ठा ना हो सके। जबकि प्रदेश से बसपा की सरकार जाने के बाद भी जब भी बसपा का कोई कार्यक्रम हुआ उस में हजारों की भीड़ जुटती रही। जनसैलाब दिखता रहा। मैदान भरा नजर आता रहा। लेकिन इस बार न जाने ऐसा क्या हुआ कि खुद बसपा सुप्रीमो मायावती के 62वें जन्मदिन पर लोगों की भीड़ गायब सी हो गई।

हरदोई के गांधी मैदान में बसपा सुप्रीमो मायावती का जन्मदिन मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक सहित मौजूदा तीन चेयरमैन सहित तमाम बड़े-बड़े नेता मौजूद रहे। लेकिन बसपा समर्थक नजर नहीं आए।

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह इस मैदान में तकरीबन 500 कुर्सियां डाली गई थी। लेकिन आधी कुर्सियां भी न भर सकी। बसपा के इस खिसके वोट बैंक को लेकर स्थानीय नेताओं में खलबली जरूर मची हुई थी। जहां जन सैलाब इसे भर देता था। आज के इस कार्यक्रम में मैदान का एक छोटा सा टुकड़ा भी भर न सका। इसके पीछे क्या वजह है इस पर पार्टी के लोग विचार कर रहे हैं।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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