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कसम से, सच्ची में! बुक्कल नवाब को हिंदी नहीं आती, सबूत है हमारे पास

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 30 July 2017 5:31 PM GMT

कसम से, सच्ची में! बुक्कल नवाब को हिंदी नहीं आती, सबूत है हमारे पास
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लखनऊ: ये तो आपको पता ही है, कि पूर्व सपा नेता बुक्कल नवाब ने विधान परिषद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अब आप सोच रहे होंगे, हमने क्या नया बता दिया। ये तो पुरानी खबर है। तो जनाब आपको बता दें! नवाब साहेब को हिंदी लिखनी नहीं आती। अरे आप तो मान ही नहीं रहे, हमें पता था आप नहीं मानोगे। आखिर नवाब साहेब इत्ते बड़े वाले नेता हैं, गलती तो कर नहीं सकते। लेकिन हमारे पास सबूत है जी! ज़रा नीचे वाली तस्वीर पर नजरें इनायत फरमाइए, पता चल जाएगा।

क्या हुआ पता नहीं चला, फिर से इस्तीफा पढ़िए, बार बार पढ़िए! नहीं मिला। तो हम ही बता देते हैं, वो शब्द है ‘सदस्यता’। अब आया समझ में।

गुस्ताखी माफ! लेकिन अब तो लगे हाथ नवाब साहेब की मार्कशीट भी दिखवा लेनी चाहिए।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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