Top

कानपुर निकाय चुनाव : बीजेपी मुस्लिम प्रत्याशी का छलका दर्द, अपने भी हुए पराए

सीएम योगी की जनसभा में पहुंचे पार्षदों में तीन मुस्लिम पार्षद प्रत्याशी थे।बीजेपी ने मुस्लिम बहुल इलाकों में मुस्लिम प्रत्यशियों को मैदान में उतारा है।बीजेपी मुस्लिम प्रत्याशियों

Anoop Ojha

Anoop OjhaBy Anoop Ojha

Published on 15 Nov 2017 9:27 AM GMT

कानपुर निकाय चुनाव : बीजेपी मुस्लिम प्रत्याशी का छलका दर्द, अपने भी हुए पराए
X
बीजेपी मुस्लिम प्रत्याशी का छलका दर्द अपने भी हुए पराए
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

कानपुर: सीएम योगी की जनसभा में पहुंचे पार्षदों में तीन मुस्लिम पार्षद प्रत्याशी थे।बीजेपी ने मुस्लिम बहुल इलाकों में मुस्लिम प्रत्यशियों को मैदान में उतारा है।बीजेपी मुस्लिम प्रत्याशियों में इस बात की ख़ुशी है कि बीजेपी ने उन्हें टिकट दी है।लेकिन इन्हें अपनों व क्षेत्रवासियों का विरोध भी झेलना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें.....निकाय चुनाव: BJP को मुस्लिमों में भी नजर आया ‘जिताऊ चेहरा’, खेला दांव

वार्ड 110 से बीजेपी मुस्लिम प्रत्याशी आसमा बेगम हैं वह सीएम योगी की जनसभा में पति इमरान व बेटे अली (02) के साथ आई थीं। आसमा बेगम ने अर्थशास्त्र से एमए किया है।

बीजेपी मुस्लिम प्रत्याशी का छलका दर्द अपने भी हुए पराए बीजेपी मुस्लिम प्रत्याशी का छलका दर्द अपने भी हुए पराए

आसमा बेगम से पूछा गया कि आप मुस्लिम बहुल क्षेत्र से बीजेपी प्रत्याशी हैं तो लोगों का कैसा समर्थन मिल रहा है।इस पर उन्होंने कहा कि मैं बीजेपी से चुनावी मैदान में हूं लेकिन लोग थोड़ा असहज महसूस करते हैं।उन तक पहुंच कर अपनी बात समझाने का काम कर रही हूं।अभी तक जो भी पार्षद रहे हैं उन्होंने क्षेत्र में कुछ भी विकास कार्य नही कराया है।मैं विकास के साथ लोगों के बीच जा रही हूं, लोगों को बता रही हूं कि बीजेपी के विषय में वो जैसा सोचते हैं वैसी पार्टी नही है।उनके शासन में मुस्लिम सुरक्षित है।

बीजेपी मुस्लिम प्रत्याशी का छलका दर्द अपने भी हुए पराए बीजेपी मुस्लिम प्रत्याशी का छलका दर्द अपने भी हुए पराए

आसमा के पति इमरान के मुताबिक मेरी पत्नी बीजेपी से चुनाव लड़ रही है तो मेरे पिता मो लईक और मां भी मुझसे खिलाफ हैं।स्थानीय लोग बड़े बुजुर्ग और नाते रिश्तेदार भी खिलाफ है।लेकिन बीजेपी मुझे अच्छी लगती है जब मैं डीएवी कालेज में पढता था तब से मै संगठन से जुड़ा हूं। मैने अपनी पत्नी को पूरी दम खम के साथ चुनावी मैदान में उतारा है।

यह भी पढ़ें....मुख्तार अब्बास नकवी बोले- अच्छा होता अगर UP में BJP मुस्लिमों को भी टिकट देती

वहीं वार्ड 71 से बीजेपी से प्रत्याशी रईस अहमद के मुताबिक बीजेपी में कार्यकर्ताओं का जितना सम्मान है किसी भी पार्टी में नही है।इसी वजह से मैंने बीजेपी ज्वाइन की थी और मुझे संगठन ने प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा है।

Anoop Ojha

Anoop Ojha

Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

Next Story